इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में रहने वाले कैटरिंग कारोबारी अमर अग्रवाल पिछले 10 दिनों से लापता हैं। घर से अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने हर संभावित ठिकाने पर उनकी तलाश की, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस दौरान उनके कमरे से एक पत्र बरामद हुआ, जिसमें पांच लोगों के नाम दर्ज होने की बात सामने आई है। परिवार का आरोप है कि इन्हीं लोगों से अमर ने कैटरिंग व्यवसाय के लिए ब्याज पर मोटी रकम उधार ली थी।
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परिजनों के मुताबिक मूल रकम से कई गुना अधिक पैसा लौटाने के बावजूद अमर को लगातार पैसों की मांग का सामना करना पड़ रहा था। आरोप है कि सूदखोर उसे डराते-धमकाते थे और जान से मारने की धमकियां तक देते थे। इन्हीं धमकियों से परेशान होकर अमर लापता हुआ है, या उसके साथ कोई अनहोनी हुई है — इस आशंका ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
ब्याज के जाल में फंसा था कारोबार
परिजनों ने जिन लोगों के नाम लिए हैं, उनमें धर्मेश यादव, विजय चंदेल, आनंद और रवि पवार सहित अन्य लोग शामिल हैं। आरोप है कि अमर ने कैटरिंग का काम शुरू करने और चलाने के लिए इनसे ब्याज पर रकम ली थी। समय के साथ ब्याज बढ़ता गया और कथित सूदखोर मूल रकम से कई गुना वसूली के बाद भी और मांग करते रहे। परिजनों का कहना है कि धमकियों का सिलसिला इतना बढ़ गया था कि अमर मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुका था।
सबसे गंभीर आरोप धर्मेश यादव पर है। परिजनों के मुताबिक उसने अमर की लाखों रुपये कीमत की कार अपने पास रख ली थी। यह कार पैसों के लेन-देन के दबाव में हथियाई गई थी या किसी और समझौते के तहत, इसकी स्पष्टता जांच के बाद ही सामने आएगी।
थाने में शिकायत, कार्रवाई पर सवाल
कमरे से पत्र मिलने के बाद परिजन पूरे मामले की शिकायत लेकर अन्नपूर्णा थाने पहुंचे। उनका कहना है कि पुलिस ने गुमशुदगी का प्रकरण तो दर्ज कर लिया है, लेकिन जिन लोगों पर धमकाने और लगातार पैसों की मांग के आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों का सवाल है कि जब आरोप इतने गंभीर हैं तो पुलिस इन नामों पर पूछताछ और जांच क्यों नहीं बढ़ा रही।
अपहरण की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग
परिवार को आशंका है कि अमर के लापता होने के पीछे पैसों के लेन-देन और धमकियों का गहरा संबंध हो सकता है। उन्हें डर है कि कहीं अमर का अपहरण कर उसके साथ कोई अनहोनी तो नहीं की गई। परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो, आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया जाए और अमर का जल्द से जल्द पता लगाया जाए। फिलहाल परिवार पिछले 10 दिनों से लगातार उनकी तलाश में जुटा है।

