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Saturday, October 24, 2026
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इंदौर: हेड कांस्टेबल की पत्नी-बेटी ने खरीदे करोड़ों के प्लॉट

इंदौर के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कांस्टेबल फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। ताजा जानकारी में सामने आया है कि फिरोज खान की पत्नी, मां और बेटी ने देवास में करोड़ों रुपए की संपत्तियां खरीदी थीं। इसके अलावा उज्जैन रोड पर 9 करोड़ रुपए के एक बड़े जमीन सौदे में भी फिरोज खान की भूमिका गवाह के तौर पर दर्ज मिली है।

इंदौर: हेड कांस्टेबल की पत्नी-बेटी ने खरीदे करोड़ों के प्लॉट

देवास में 92 लाख में खरीदे दो प्लॉट

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, एक कंपनी ने पिछले साल अगस्त में देवास की दो संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया पूरी की थी। इनमें उज्जैन रोड पर 2400 वर्गफीट का प्लॉट नंबर 38 डी और कॉन्वेंट स्कूल मार्ग पर 750 वर्गफीट का प्लॉट नंबर 39 शामिल था। खास बात यह है कि इनमें से एक प्लॉट पर पक्का मकान भी बना हुआ है। इस नीलामी में फिरोज खान की पत्नी हिना खान, उनकी मां वहीदा खान और बेटी जैफी खान ने ऑनलाइन माध्यम से बोली लगाई थी।

दोनों प्लॉट की बोली 92 लाख रुपए में तय हुई। इसके बाद फिरोज खान ने खुद पैसे जमा कराए और इनकी आधिकारिक रजिस्ट्री कराई। रजिस्ट्री शुल्क और अन्य प्रशासनिक खर्चों को मिलाकर इन दोनों संपत्तियों की कुल लागत करीब एक करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इस पूरी खरीद से जुड़े दस्तावेजों और रजिस्ट्री की प्रामाणिक जानकारी जुटाने के लिए लोकायुक्त ने देवास के रजिस्ट्रार कार्यालय से आधिकारिक ब्योरा मांग लिया है।

उज्जैन के 9 करोड़ के सौदे में गवाह बने फिरोज खान

लोकायुक्त की छानबीन के दौरान उज्जैन रोड पर करीब 45 बीघा जमीन का एक बड़ा सौदा भी प्रकाश में आया है। यह जमीन कस्तूरीबाई और इंदौर के रहने वाले रविकांत पंवार ने श्याम इन्फा के पार्टनर सुमित जिंदल को 9 करोड़ रुपए में बेची थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस बड़े वित्तीय सौदे में हेड कांस्टेबल फिरोज खान को गवाह के रूप में शामिल किया गया था। फिलहाल राजस्व न्यायालय ने इस जमीन के नामांतरण यानी म्यूटेशन की प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

लोकायुक्त अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि 9 करोड़ रुपए के इस जमीन सौदे में फिरोज खान की वास्तविक भूमिका क्या थी और वह किस हैसियत से इस प्रक्रिया का हिस्सा बने थे। मामले की जांच अभी जारी है और उनकी भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

14 अक्टूबर को हुई थी बड़ी सर्च कार्रवाई

गौरतलब है कि बीते महीने 14 अक्टूबर को लोकायुक्त की विशेष टीम ने हेड कांस्टेबल फिरोज खान के विभिन्न घरों और अन्य ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से जांच एजेंसी उनकी तमाम संपत्तियों, परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई प्रॉपर्टी और बड़े वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की एक-एक परत खंगाल रही है। देवास के दोनों प्लॉट की महंगी खरीद और उज्जैन के नौ करोड़ रुपए के जमीन सौदे से जुड़े तथ्य इस वक्त लोकायुक्त की जांच के सबसे अहम बिंदु बने हुए हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी बड़ी रकम से संपत्तियां खरीदने के लिए धन कहां से आया।

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