इंदौर के रीजनल पार्क के सामने स्थित विशाल मैदान पर अब न तो राजनीतिक कार्यक्रम हो सकेंगे और न ही अस्थायी बाजार लग सकेंगे। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) इस जमीन पर स्कीम-97 पार्ट-2 के तहत आवासीय कॉलोनी विकसित करने जा रहा है। इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे और प्राधिकरण सड़क, सीवरेज व ड्रेनेज लाइन सहित बुनियादी सुविधाओं का विकास करेगा।
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यह वही मैदान है जहां 19 सितंबर को राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इसके लिए कांग्रेस ने प्राधिकरण से अस्थायी लीज के आधार पर जमीन किराए पर ली थी और अधिकारियों ने 14 लाख रुपये का किराया वसूला था। अब इस जमीन के भविष्य पर मुहर लग गई है।
पटाखा व्यापारियों का कारोबार भी बंद होगा
हाल ही में प्राधिकरण ने थोक पटाखा व्यापारियों को भी अस्थायी मार्केट तैयार करने के लिए यह जमीन किराए पर दी थी। लेकिन अब यहां आवासीय कॉलोनी विकसित होने के कारण अगले साल से पटाखों का कारोबार भी नहीं हो सकेगा। व्यापारियों को वैकल्पिक जगह तलाशनी होगी।
रीजनल पार्क के सामने स्थित होने और आसपास का इलाका ग्रीन बेल्ट होने के कारण यहां विकसित होने वाली कॉलोनी के प्लॉट की मांग अधिक रहने की उम्मीद है। प्राधिकरण अगले साल से इन प्लॉटों की बिक्री शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई प्रक्रिया
इस जमीन को लेकर लंबे समय से न्यायालय में मामला चल रहा था। हाल ही में फैसला प्राधिकरण के पक्ष में आने के बाद यहां कॉलोनी विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जमीन का मालिकाना हक स्पष्ट होते ही प्राधिकरण ने योजना को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है।
राहुल के आयोजन के लिए वसूले थे 14 लाख
राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने यह जमीन इंदौर विकास प्राधिकरण से किराए पर ली थी। अफसरों ने अस्थायी लीज की गणना कर जमीन का किराया 14 लाख रुपये कांग्रेस से वसूला था। जमीन की अनुमति देने में भी अफसरों ने काफी समय लगाया था। किराए को लेकर विवाद हुआ था और कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में प्राधिकरण के अधिकारियों को निशाने पर लिया था। अब यह मैदान इतिहास का हिस्सा बनने जा रहा है और जल्द ही यहां रिहायशी बस्ती आकार लेगी।

