रविवार का दिन इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन के नाम रहा। इंदौर शहर के साथ-साथ महू क्षेत्र में भी स्वयंसेवकों ने कदमताल करते हुए प्रमुख मार्गों से संचलन निकाला। इस आयोजन में इंदौर विभाग के चार महानगरीय जिलों के 34 नगरों की करीब 345 बस्तियों के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। महू ग्रामीण क्षेत्र में भी छह खंडों के 65 मंडलों में संचलन का आयोजन किया गया।![]()
इस पथ संचलन में प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी स्वयंसेवकों के साथ कदमताल मिलाते नजर आए। उनके अलावा भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेता भी संचलन में शामिल हुए। स्वयंसेवक अपनी-अपनी बस्तियों के प्रमुख रास्तों से अनुशासित ढंग से आगे बढ़े।
एक महीने से चल रही थी तैयारी
इस आयोजन की तैयारियां पिछले एक महीने से लगातार चल रही थीं। विभिन्न शाखाओं में स्वयंसेवक समता का अभ्यास कर रहे थे, ताकि संचलन के दौरान पूरी टोली एक लय में आगे बढ़ सके। पथ संचलन संघ की परंपरागत गतिविधियों में से एक है, जिसमें स्वयंसेवक गणवेश में पंक्तिबद्ध होकर नगर भ्रमण करते हैं।
28 अक्टूबर को वृहत एकत्रीकरण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम के रूप में 28 अक्टूबर को इंदौर विभाग का वृहत एकत्रीकरण आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम डेली कॉलेज परिसर में शाम साढ़े चार बजे से होगा, जिसमें इंदौर विभाग के पांच जिलों के सक्रिय स्वयंसेवक शामिल होंगे।
चरैवेति-चरैवेति का संदेश
इस एकत्रीकरण का ध्येय वाक्य चरैवेति-चरैवेति रखा गया है। इसका मुख्य संदेश यह है कि स्वयंसेवक राष्ट्रकार्य को निरंतर, निर्बाध और समर्पण के साथ आगे बढ़ाते रहें। संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राष्ट्र निर्माण तथा व्यक्ति परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन के कार्य को जारी रखने का संकल्प दोहराया गया। संघ के अनुसार, भारत को परम वैभव पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से स्वयंसेवक भविष्य में भी इसी प्रकार ऊर्जा, उत्साह और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।

