मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया। ₹30,213 करोड़ का यह इश्यू देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू है, जिसने खुलने के महज 100 मिनट के अंदर ही पूरी तरह सब्सक्राइब होकर एक नया रिकॉर्ड बना दिया। निवेशकों के इस जबरदस्त उत्साह का असर पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर भी दिखा, जो कारोबार के दौरान करीब 2 फीसदी तक चढ़ गया।

100 मिनट में फुल सब्सक्राइब — सबसे तेज़ सब्सक्रिप्शन का रिकॉर्ड
पब्लिक बिडिंग शुरू होते ही संस्थागत निवेशकों की भारी मांग देखने को मिली। NSE के आंकड़ों के मुताबिक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा खुलने के 10 मिनट के भीतर भर गया और 30 मिनट के अंदर करीब दोगुना सब्सक्राइब हो गया। दिन भर में QIB हिस्से को कुल 3.77 गुना बोलियां मिलीं, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) का हिस्सा 30 फीसदी और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 27 फीसदी तक भरा। कुल मिलाकर इश्यू करीब 1.18 गुना सब्सक्राइब रहा — पेश किए गए 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 23.27 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं।
IPO के खुलने से पहले सोमवार को कंपनी ने एंकर निवेशकों को ₹8,110 करोड़ के शेयर आवंटित किए थे। एंकर बुक में ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की बोलियां आई थीं, जो आवंटन राशि से 30 गुना से अधिक थी। LIC, ब्लैकरॉक और फिडेलिटी जैसे बड़े वैश्विक और घरेलू संस्थानों ने एंकर राउंड में हिस्सेदारी ली।
प्राइस बैंड, लॉट साइज और निवेश के नियम
IPO के लिए प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशक न्यूनतम 12 शेयरों के लॉट में आवेदन कर सकते हैं — अपर प्राइस बैंड पर यह करीब ₹13,428 का न्यूनतम निवेश बैठता है। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, यानी इसमें कोई मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहा; कंपनी 27 करोड़ तक नए शेयर जारी कर रही है। आईपीओ के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स में बहुमत हिस्सेदारी बनी रहेगी।
रिलायंस के शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ का विशेष ‘शेयरहोल्डर रिजर्वेशन’ रखा गया है, जबकि कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ की हिस्सेदारी तय है। रिटेल निवेशकों के लिए नेट ऑफर का कम से कम 35 फीसदी आरक्षित है। 14 अक्टूबर 2026 तक RIL के शेयर रखने वाले निवेशक शेयरहोल्डर कैटेगरी में आवेदन कर सकते हैं — योग्य निवेशक शेयरहोल्डर और रिटेल दोनों कैटेगरी में अप्लाई कर सकते हैं, जिससे शेयर मिलने की संभावना बढ़ जाती है। अपर प्राइस बैंड पर एक शेयरहोल्डर अधिकतम 14 लॉट (168 शेयर, करीब ₹1.87 लाख) तक बोली लगा सकता है। इश्यू 23 अक्टूबर को बंद होगा, 26 अक्टूबर को अलॉटमेंट और 28 अक्टूबर को BSE-NSE पर लिस्टिंग की उम्मीद है।
RIL के शेयर में उछाल, ग्रे मार्केट में भी प्रीमियम
IPO की रिकॉर्ड मांग से रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में जोरदार उछाल आया। NSE पर शेयर करीब 1.96 फीसदी चढ़कर ₹1,225.60 तक पहुंचा और इंट्राडे में 2.68 फीसदी बढ़कर ₹1,234.30 का उच्च स्तर छुआ। यह रिलायंस समूह का करीब दो दशकों में पहला आईपीओ है। ग्रे मार्केट में जियो के शेयर करीब ₹270 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जो करीब 24 फीसदी के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। आकाश अंबानी ने कहा है कि IPO से जुटाई गई राशि में से ₹27,500 करोड़ का कर्ज चुकाया जाएगा और AI व क्लाउड सेवाएं कंपनी के अगले चरण के विकास की मुख्य इंजन होंगी।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है; निवेश से पहले हमेशा योग्य एक्सपर्ट से सलाह लें।

