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Saturday, April 18, 2026
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USSD कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से बचाव के लिए तुरंत जानें कौन से कोड से रहें दूर

भारतीय सरकार ने मोबाइल यूजर्स को एक नए और खतरनाक साइबर फ्रॉड से आगाह किया है, जिसे USSD आधारित कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम कहा जा रहा है। यह चेतावनी गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने जारी की है। सरकार के अनुसार, साइबर अपराधी इस नए तरीके का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक अकाउंट और मैसेजिंग ऐप्स को निशाना बना रहे हैं। इस स्कैम में अपराधी यूजर्स के मोबाइल पर कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर लेते हैं, जिससे बैंक के OTP और व्हाट्सऐप जैसे ऐप्स के वेरिफिकेशन कॉल सीधे अपराधियों के पास चले जाते हैं।

USSD क्या है और यह खतरा क्यों बन गया है?

USSD का मतलब है Unstructured Supplementary Service Data, जो एक खास तरह का मोबाइल कोड होता है। इसमें * और # जैसे सिम्बल्स होते हैं, जो बिना इंटरनेट के मोबाइल नेटवर्क की सेवाओं को एक्सेस करने के काम आते हैं। हालांकि यह तकनीक मोबाइल यूजर्स के लिए उपयोगी है, लेकिन अब साइबर अपराधी इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। वे यूजर्स को फोन करके कॉल फॉरवर्डिंग को बिना उनकी जानकारी के एक्टिवेट कर देते हैं। इससे बैंक, डिलिवरी, या मैसेजिंग ऐप्स के महत्वपूर्ण कॉल्स सीधे अपराधियों के मोबाइल नंबर पर चले जाते हैं।

कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम कैसे काम करता है?

I4C की एडवाइजरी के अनुसार, इस स्कैम में अपराधी डिलीवरी या कूरियर कंपनी के एजेंट बनकर कॉल करते हैं। वे पैकेज कन्फर्मेशन या डिलीवरी को रीसchedule करने का बहाना बनाते हैं। फिर वे यूजर से एक खास कोड डायल करने को कहते हैं, जो अक्सर 21 से शुरू होता है और उसके बाद एक मोबाइल नंबर आता है। जैसे ही यह कोड डायल होता है, कॉल फॉरवर्डिंग चालू हो जाती है। इसके बाद बैंक के OTP, व्हाट्सऐप या टेलीग्राम के वेरिफिकेशन कॉल सीधे अपराधी के नंबर पर पहुंच जाते हैं। इसके जरिए अपराधी खातों से पैसा निकाल लेते हैं या सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लेते हैं।

खुद को इस साइबर फ्रॉड से कैसे बचाएं?

सरकार ने यूजर्स को इस खतरे से बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर 21, 61, 67 या ऐसे किसी USSD कोड को कभी डायल न करें। अगर गलती से कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय हो जाए तो तुरंत ##002# डायल करके इसे बंद कर दें। किसी संदिग्ध डिलीवरी लिंक पर क्लिक न करें, चाहे वह SMS हो, व्हाट्सऐप या ईमेल। पैकेज या कूरियर की जानकारी के लिए सीधे कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर से संपर्क करें।

अगर आपको किसी तरह का साइबर फ्रॉड या संदिग्ध ऐप नजर आए तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से नुकसान को कम किया जा सकता है और अपराधियों को पकड़ा जा सकता है। सरकार की ये चेतावनी और सुझाव मोबाइल यूजर्स के लिए बहुत जरूरी हैं ताकि वे इस नए खतरे से सुरक्षित रह सकें।

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