Rashtriya Prerna Sthal News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 दिसंबर 2025 को उद्घाटित राष्ट्र प्रेरणा स्थल अब पूरी तरह से मुफ्त प्रवेश के लिए उपलब्ध नहीं है। उद्घाटन के तुरंत बाद यह स्थल जनता के लिए खुला था और पहले कुछ दिनों तक मुफ्त प्रवेश की सुविधा दी गई थी ताकि लोग इस नए राष्ट्रीय स्थल का अनुभव कर सकें। हालांकि, 1 जनवरी 2026 से टिकट सिस्टम लागू कर दिया गया है और बिना टिकट किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पार्क के प्रवेश के लिए टिकट की कीमत लगभग ₹20–30 निर्धारित की गई है। इसके अलावा, संग्रहालय और अन्य विशेष क्षेत्रों के लिए अलग शुल्क भी लिया जा सकता है।
नए साल के दिन भारी भीड़
जैसा कि लखनऊ के अन्य पार्क, स्मारक और धार्मिक स्थल होते हैं, नए साल के दिन (1 जनवरी 2026) राष्ट्र प्रेरणा स्थल में भी भारी भीड़ देखी गई। पूरे शहर से लाखों लोग नववर्ष का जश्न मनाने और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने बाहर निकले। इसके साथ ही जनेश्वर मिश्रा पार्क, अंबेडकर मेमोरियल, बड़ा इमामबाड़ा और द रेजीडेंसी जैसी प्रमुख जगहों पर भी भारी संख्या में आगंतुक आए। राष्ट्र प्रेरणा स्थल की इस भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि लोग इस नए स्थल को देखने के लिए उत्साहित हैं।
स्थल का महत्व और आकर्षण
राष्ट्र प्रेरणा स्थल लगभग 65 एकड़ में फैला हुआ है और इसे ₹230 करोड़ की लागत से बनाया गया है। स्थल पर 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमाएँ, कमल के आकार का दो मंजिला संग्रहालय, पाँच गैलरीज़, ध्यान हॉल और अन्य आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह स्थल राष्ट्रीय एकता, नेतृत्व के मूल्य और सुशासन का प्रतीक है। यहाँ आने वाले आगंतुक न केवल स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत का आनंद लेते हैं, बल्कि नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के आदर्शों से भी प्रेरित होते हैं।
अनुभव और भविष्य की योजनाएँ
स्थल के उद्घाटन के बाद से ही यह नागरिकों और छात्रों के लिए शिक्षा और प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। शुरुआती दिनों में मुफ्त प्रवेश की सुविधा ने अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित किया। अब टिकट शुल्क के साथ प्रवेश होने के बाद भी यह स्थल परिवारों, छात्रों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण बना हुआ है। भविष्य में, सरकार द्वारा नए प्रदर्शनी हॉल, डिजिटल इंटरेक्टिव गाइड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे यह स्थल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सके।

