रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ के दूसरे सीजन के विजेता का ऐलान हो गया है। छह हफ्तों तक चले संघर्ष, दोस्ती, दुश्मनी और ड्रामे के बाद शहजाद पूनावाला ने यह सीजन अपने नाम कर लिया। विनर बनने के साथ ही उन्होंने ट्रॉफी के साथ-साथ 35 लाख रुपये की इनामी राशि भी हासिल की। लेकिन जीत की घोषणा के साथ ही शहजाद ने एक ऐसा ऐलान किया, जिसकी हर तरफ वाहवाही हो रही है — उन्होंने पूरी प्राइज मनी दान करने का फैसला किया है।
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फिनाले में ऐसे पहुंचे टॉप 3 तक
ग्रैंड फिनाले की शुरुआत टॉप 6 फाइनलिस्ट्स की दमदार परफॉर्मेंस से हुई। इसके बाद ‘फॉर्च्यून फ्लोर पिरामिड’ चैलेंज के चलते निहारिका तिवारी फाइनल की रेस से बाहर हो गईं। निहारिका के बाद करण पटेल और स्वरा भास्कर के लिए भी ‘टावर लाइट्स’ लाल हो गईं और वे भी बाहर हो गए। इसके बाद प्रियंका चाहर चौधरी, गौतम गुलाटी और शहजाद पूनावाला ने टॉप 3 में जगह बनाई। आखिर में वीरेंद्र सहवाग ने विनर के नाम का ऐलान किया और शहजाद पूनावाला का नाम लिया। प्रियंका चाहर चौधरी फर्स्ट रनरअप रहीं, जबकि गौतम गुलाटी दूसरे रनर-अप बने।
विनिंग स्पीच में क्या कहा शहजाद ने
अपनी विनिंग स्पीच में शहजाद ने कहा कि ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ जीतना एक ऐसा एहसास है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि यह सफर उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था — उन्हें लगातार खुद को शो के हिसाब से ढालना पड़ा और हालात चाहे जैसे भी हों, आगे बढ़ते रहना पड़ा। कई बार उनके मन में शक भी पैदा हुआ, लेकिन अंदर ही अंदर वे जानते थे कि वे यह शो जीत सकते हैं। आज ट्रॉफी के साथ खड़े होकर यह यकीन सच में बदल गया। शहजाद ने कहा कि यह जीत इस बात का सबूत है कि अगर इरादा पक्का हो तो क्या कुछ नहीं किया जा सकता।
35 लाख रुपये दान करने का ऐलान
अपनी विनिंग स्पीच के दौरान ही शहजाद ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही कह रखा था कि वे विनिंग अमाउंट जरूरतमंदों के लिए दान करेंगे। शहजाद ने घोषणा की कि वे प्राइज मनी असम और बिहार के बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने हर फैसले पर गर्व रहा है और हर उतार-चढ़ाव के दौरान वे जैसा इंसान बने रहे, उसे लेकर भी उन्हें नाज है। शहजाद ने कहा कि उन्होंने जो रिश्ते बनाए और जो हंसी-मजाक किया, वे यादें इस शो से कहीं बढ़कर हैं — वे अपने साथ एक ट्रॉफी के साथ-साथ कभी न भूलने वाली यादें और इस बात का सुकून लेकर घर जा रहे हैं कि उन्होंने इसके लिए अपना सब कुछ झोंक दिया था।

