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Saturday, April 18, 2026
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Sandeepa Dhar: फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि खुद को खोजने की प्रेरक कहानी

20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ केवल एक रोमांटिक कहानी नहीं बल्कि खुद को पहचानने की यात्रा भी है। फिल्म के रिलीज होते ही एक्ट्रेस संदीपा धर ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर किया, जिसने दर्शकों का ध्यान खींच लिया। उन्होंने बताया कि उनका किरदार ‘नैना’ सिर्फ एक रोल नहीं बल्कि उनके निजी अनुभवों से जुड़ा है। पोस्ट में संदीपा ने फिल्म के कुछ BTS (बिहाइंड द सीन) भी शेयर किए, जिसमें वह अपने किरदार में डूबी नजर आईं। उनके साथ लीड एक्टर सिद्धांत चतुर्वेदी और एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर भी दिखाई दिए।

नैना की कहानी, संदीपा की जिंदगी का आईना

संदीपा धर ने अपने किरदार नैना को लेकर कहा, “वो आ गई है। नैना अब आपकी है। मैं लगभग एक साल से इस किरदार के साथ जी रही हूं। सच कहूं तो इसने मुझे उन बातों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया, जिनसे मैं हमेशा बचना चाहती थी। हमने कितनी बार किसी की पसंद बनने के लिए खुद को बदला है? कितनी बार पूरी कोशिश करने के बाद भी लगा कि हम काफी नहीं हैं?” उन्होंने आगे लिखा कि नैना की कहानी उनकी भी कहानी है और शायद दर्शकों की भी। संदीपा का संदेश है कि यह फिल्म हर उस व्यक्ति के लिए है जिसने कभी अपने असली रूप को दूसरों की पसंद के लिए बदलने की कोशिश की।

Sandeepa Dhar: फिल्म 'दो दीवाने सहर में' सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि खुद को खोजने की प्रेरक कहानी

खुद की अहमियत जानना सबसे जरूरी

संदीपा ने अपने पोस्ट में लिखा, “मेरे पास हर सवाल का जवाब नहीं है। मैं भी सीख रही हूं। लेकिन एक बात जरूर जानती हूं कि हमें बार-बार उन लोगों से अपनी अहमियत साबित करने की जरूरत नहीं है, जो हमें समझ ही नहीं पाएंगे। हमें अपनी कीमत खुद जाननी चाहिए। अगर कभी आपको लगा हो कि आप काफी नहीं हैं, तो यह कहानी आपके लिए है।” फिल्म का यह संदेश दर्शकों को आत्मविश्वास और खुद की पहचान की ओर प्रेरित करता है।

कमियां ही बनाती हैं इंसान को खास

फिल्म में प्यार और रिश्तों को एक अलग नजरिए से दिखाया गया है। सिद्धांत चतुर्वेदी का किरदार एक ऐसे युवक का है, जिसकी बोलने की अनोखी शैली के कारण लोग उसे जज करते हैं। फिल्म का मुख्य संदेश यही है कि परफेक्ट दिखने से ज्यादा जरूरी है खुद को समझना और खुद को स्वीकार करना। कमियां ही इंसान को खास बनाती हैं। फिल्म का निर्देशन रवि उडयावर ने किया है और इसे संजय लीला भंसाली, प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भरत कुमार ने प्रोड्यूस किया है।

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