सोमवार, 19 अक्टूबर को महानवमी के मौके पर भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। लगातार दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद बाजार ने दिन की शुरुआत बढ़त के साथ की, लेकिन कुछ ही देर में बिकवाली हावी हो गई और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में चले गए। शुरुआती कारोबार के आंकड़ों ने निवेशकों को चौंका दिया, क्योंकि शुक्रवार को बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था और पिछले पूरे सप्ताह में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई थी।

शुरुआती कारोबार में कितनी गिरावट आई
सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 538 अंक तक फिसलकर 74,191.21 के निचले स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी 175 अंक से अधिक टूटकर 22,970.50 के स्तर तक आ गया। यह गिरावट दिन के शुरुआती सौदों में दर्ज की गई, यानी यह क्लोजिंग के आंकड़े नहीं हैं — कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
गिरावट का सीधा असर कंपनियों के कुल बाजार मूल्य पर भी पड़ा। शुक्रवार को कारोबार बंद होने के समय बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,73,46,932.132 करोड़ रुपये था। सोमवार को बाजार खुलने के कुछ ही देर बाद यह घटकर 4,70,22,982.02 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की संपत्ति में करीब 3,23,950 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। मार्केट कैप में आई यह कमी इस बात का संकेत है कि सुबह के सत्र में ज्यादातर शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा।
शुक्रवार को बाजार में रही थी तेजी
इस गिरावट से ठीक पहले शुक्रवार, 16 अक्टूबर को बाजार में अच्छी तेजी देखी गई थी। आईटी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे। शुक्रवार को सेंसेक्स 413.66 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,729.27 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 148.80 अंक यानी 0.65 प्रतिशत चढ़कर 23,146.15 के स्तर पर पहुंच गया था।
पिछले पूरे सप्ताह के दौरान भी बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। सप्ताहभर में सेंसेक्स में कुल 2,256.94 अंक यानी 3.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी 625.7 अंक यानी 2.77 प्रतिशत मजबूत हुआ था। यानी सोमवार की गिरावट एक मजबूत सप्ताह के बाद आई है, जब बाजार पहले ही काफी ऊपर चढ़ चुका था।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है
एक-दो सत्र की गिरावट से ही बाजार की लंबी तस्वीर नहीं बदलती, लेकिन इतनी बड़ी रकम का शुरुआती कारोबार में ही घटना यह बताता है कि निवेशक फिलहाल सतर्क हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है, खासकर तब जब सूचकांक एक सप्ताह में तीन प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुके हों। ऐसे में मुनाफावसूली यानी पुराने सौदों से मुनाफा निकालने की प्रवृत्ति भी बिकवाली को बढ़ा सकती है।
यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। शेयर बाजार में पैसा लगाने से पहले हमेशा किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से राय लेनी चाहिए, क्योंकि बाजार जोखिमों के अधीन है। दिनभर के कारोबार में बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि शुरुआती गिरावट के बाद सूचकांकों में रिकवरी भी देखने को मिल सकती है।

