कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्रा से जुड़े सवाल पर दो टूक जवाब दिया। तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों के सवालों पर थरूर ने कहा, “मैं ट्रैवल एजेंट नहीं हूं। मुझसे यह सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है।” दरअसल, दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन चल रहा है। इसी बीच राहुल गांधी के विदेश जाने पर भाजपा सवाल उठा रही है।

थरूर का दो टूक जवाब
तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर केरल की राजधानी में थे। इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे पूछा कि जब दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं, तो राहुल गांधी विदेश क्यों गए हैं? इस पर थरूर ने कहा, “मैं ट्रैवल एजेंट नहीं हूं। मुझसे यह सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है। मैं दिल्ली छोड़कर यहां क्यों आया? हर इंसान की अपनी कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। इसलिए, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।”
एसआईआर को लेकर केंद्र और चुनाव आयोग पर निशाना
इस दौरान थरूर ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की आड़ में लोगों से वोट देने का अधिकार छीना गया है। थरूर ने कहा कि किसी को भी किसी व्यक्ति से उसका मतदान का अधिकार छीनने का हक नहीं है।
थरूर ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची से 90 लाख से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए। इनमें से केवल करीब 82 हजार लोगों की अपीलों पर सुनवाई हुई। हैरानी की बात यह है कि जिन अपीलों पर सुनवाई हुई, उनमें 91 प्रतिशत मामले ऐसे लोगों के थे, जिनके नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाने चाहिए थे। थरूर ने सवाल उठाया कि अगर इतनी बड़ी संख्या में नाम गलत तरीके से हटाए गए, तो फिर एसआईआर कराने का क्या फायदा हुआ?
फॉर्म-6 और फॉर्म-7 पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि फॉर्म-6 को क्यों हटाया गया और फॉर्म-7 इतनी बड़ी संख्या में क्यों भरवाए गए। थरूर ने यह भी सवाल किया कि 2002 की मतदाता सूची को आधार बनाने का फैसला किस वजह से लिया गया। उन्होंने कहा कि देश में दशकों से चुनाव होते आ रहे हैं, लेकिन पहले इस तरह की समस्याएं देखने को नहीं मिलीं। थरूर ने इन परेशानियों के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
थरूर ने कहा कि कांग्रेस इसी वजह से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। उनके मुताबिक, एसआईआर की प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग की जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस चाहती है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों से सवाल पूछे जाएं और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जाए।
1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी रैली
थरूर ने बताया कि इस मुद्दे पर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित की जाएगी। रैली के लिए पुलिस से अनुमति मिल गई है। कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएगी। थरूर ने साफ किया कि उनकी मांग किसी खास पार्टी को जिताने या हराने की नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति को अपनी मर्जी से वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। उनके मुताबिक, जब चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे, तो जनता खुद तय कर लेगी कि सत्ता किसे मिलनी चाहिए।

