बिहार में विधान परिषद की सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपने प्रचार अभियान को और तेज कर दिया है। रविवार को बेगूसराय में आयोजित एक चुनावी कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कार्यकर्ताओं के सामने आखिरी दिनों की रणनीति रखी और हर कार्यकर्ता को रोजाना का एक ठोस लक्ष्य दिया। उनका संदेश साफ था — अब घर-घर पहुंचने का वक्त है।

हर कार्यकर्ता को रोज 50 परिवारों का टारगेट
बेगूसराय के बलिया स्थित विवेक हॉल में हुए NDA के कार्यक्रम में सरावगी ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी डॉ. घनश्याम राय और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी सर्वेश कुमार के समर्थन में प्रचार किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव के बचे हुए चार दिनों में हर कार्यकर्ता प्रतिदिन कम से कम 50 मतदाता परिवारों तक पहुंचे और NDA प्रत्याशियों के पक्ष में प्रथम वरीयता का वोट मांगे। मंच पर मौजूद नेताओं से उन्होंने रोजाना 100 परिवारों से संपर्क करने की अपील की।
2005 के बाद के बदलाव गिनाए
सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि NDA सरकार ने बिहार को जंगलराज से सुशासन और फिर समृद्धि की दिशा में ले जाने का काम किया है। उनके मुताबिक सरकार के विकास कार्य और उपलब्धियां जनता के सामने हैं, इसलिए कार्यकर्ताओं को आखिरी दिनों में पूरी ताकत के साथ मतदाताओं के बीच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार ने आधारभूत ढांचे, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया। पटना से बेगूसराय की यात्रा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अब यह दूरी करीब डेढ़ घंटे में पूरी हो जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों, महिलाओं, किसानों, युवाओं और श्रमिकों के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं का भी उन्होंने जिक्र किया।
EWS आरक्षण और शिक्षा के दावे
प्रदेश अध्यक्ष ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गरीब परिवारों के युवाओं को सरकारी नौकरियों और मेडिकल व तकनीकी शिक्षा में अवसर मिले हैं। उन्होंने बोधगया की एक महिला का उदाहरण दिया और बताया कि उनके बेटे और बेटी को EWS आरक्षण के जरिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ने का मौका मिला। उन्होंने इसे गरीब परिवारों के आगे बढ़ने का अहम रास्ता बताया। सरावगी के अनुसार, बिहार में उच्च शिक्षण संस्थानों में नामांकन की संख्या वर्ष 2005 के करीब चार लाख से बढ़कर लगभग 26 लाख हो गई है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में प्लस टू स्कूल खुलने से ग्रामीण इलाकों के विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई का अवसर मिला है। बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय खोलने के कैबिनेट फैसले को उन्होंने अहम बताया और कहा कि इससे स्थानीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में जाने की परेशानी कम होगी। मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों के विस्तार के साथ औद्योगिक निवेश बढ़ाने की कोशिशों का भी उन्होंने उल्लेख किया।
विपक्ष पर निशाना, मतदाताओं से अपील
सरावगी ने विपक्ष पर विकास के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए गलत नैरेटिव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा नेता सम्राट चौधरी के खिलाफ कथित हिंसक टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से जाति और संप्रदाय के बजाय शिक्षा, रोजगार और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की।
मोकामा से बेगूसराय तक दिनभर कार्यक्रम
बेगूसराय रवाना होने से पहले सरावगी मोकामा में भाजपा नेता नलिनी रंजन शर्मा उर्फ ललन सिंह की दिवंगत माता मुन्नी देवी के श्राद्धकर्म में शामिल हुए और श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मोकामा और सांगठनिक जिला बाढ़ के फतुहा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। मोकामा में उन्होंने पटना शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशियों नवल किशोर यादव और नीरज कुमार के समर्थन में चुनावी तैयारियों पर भी चर्चा की। बेगूसराय पहुंचने पर दिनकर अतिथि गृह में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी और संजय पासवान, विधायक कुंदन कुमार समेत NDA के घटक दलों के नेता, जिलाध्यक्ष, शिक्षक, स्नातक मतदाता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

