रणजी ट्रॉफी के प्लेट डिवीजन में सोमवार, 19 अक्टूबर को मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नागालैंड के खिलाफ सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में नाबाद 400 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और 7 छक्के जड़े। उनकी इस पारी के बाद मिजोरम ने 9 विकेट के नुकसान पर 581 रन बनाकर पारी घोषित कर दी।

1948 के बाद दूसरे बल्लेबाज
चिन्मय रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 400 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले 1948 में बी.बी. निम्बालकर ने महाराष्ट्र की ओर से काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन की पारी खेली थी। इस तरह 78 साल बाद किसी बल्लेबाज ने रणजी ट्रॉफी में 400 रन का आंकड़ा पार किया है।
करियर के दूसरे ही मैच में कमाल
नागालैंड के खिलाफ यह मैच चिन्मय के करियर का दूसरा फर्स्ट-क्लास मैच था और इसी में उन्होंने यह बड़ा कारनामा कर दिया। डेब्यू मैच में उन्होंने मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 और दूसरी पारी में 99 रन बनाए थे। दूसरे ही मैच में 400 रन की नाबाद पारी ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में चर्चा का केंद्र बना दिया है।
कौन हैं चिन्मय सुतार
29 वर्षीय चिन्मय का जन्म 3 मई 1997 को हुआ था। दाएं हाथ के बल्लेबाज चिन्मय पहले मुंबई के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेल चुके हैं। बाद में वह मिजोरम चले गए थे और अब मिजोरम की ओर से फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेल रहे हैं।
पिता हैं पूर्व क्रिकेटर और कोच
चिन्मय के पिता राजेश सुतार, जिन्हें राजू सुतार के नाम से भी जाना जाता है, मुंबई के पूर्व क्रिकेटर और कोच हैं। उन्होंने 1998 में एक मैच में सचिन तेंदुलकर के साथ ओपनिंग की थी। पिता के क्रिकेटिंग माहौल में पले-बढ़े चिन्मय की इस पारी को घरेलू क्रिकेट के सबसे यादगार प्रदर्शनों में गिना जाएगा।

