ग्वालियर में शुक्रवार से देश के सबसे बड़े सेपक टकरा आयोजन का आगाज हो गया है। मोरेना लिंक रोड स्थित आईआईआईटीएम कॉलेज परिसर में 36वीं सीनियर राष्ट्रीय सेपक टकरा चैंपियनशिप का आयोजन 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 700 खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। मेजबान मध्य प्रदेश के लिए यह आयोजन इसलिए भी खास है, क्योंकि प्रदेश की टीम की कमान शहडोल के अनुभवी कोच राम किशोर चौरसिया को सौंपी गई है।

मेजबान प्रदेश की टीम में शहडोल के पांच खिलाड़ी
शहडोल जिले के लिए यह चैंपियनशिप गर्व का मौका लेकर आई है। जिले के पांच प्रतिभाशाली खिलाड़ियों वेदांत मिश्रा, अभय तिवारी, अभिनव सिंह, प्रेरणा रैगर और ऋषिका वर्मा का चयन राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए हुआ है। ये सभी खिलाड़ी शहडोल के शांति देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में नियमित प्रशिक्षण लेते हैं। प्रतियोगिता से पहले 10 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक प्री-नेशनल प्रशिक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक और खेल कौशल को निखारने के लिए कड़ा अभ्यास किया।
मध्य प्रदेश टीम की कमान राम किशोर चौरसिया के हाथ
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शहडोल जिला सेपक टकरा एसोसिएशन के सचिव और राष्ट्रीय कोच राम किशोर चौरसिया को मध्य प्रदेश टीम का कोच नियुक्त किया गया है। चौरसिया ने कहा कि जिले के पांच खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन पूरे शहडोल के लिए गर्व की बात है और उन्हें भरोसा है कि सभी खिलाड़ी चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों को सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए विद्यालय प्रबंधन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा जिला एसोसिएशन के पदाधिकारियों के प्रति आभार भी जताया।
देशभर की टीमें ग्वालियर पहुंचीं
चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए देशभर की टीमें ग्वालियर पहुंच रही हैं। हिमाचल प्रदेश के 16 खिलाड़ी मंडी से रवाना हुए हैं, जिनमें 8 पुरुष और 8 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। हिमाचल के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता से पहले मंडी के पड्डल स्थित गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 22 से 28 अक्टूबर तक सात दिन का प्रशिक्षण शिविर भी लगाया था। झारखंड और बिहार की टीमें भी इस चैंपियनशिप के लिए ग्वालियर पहुंच चुकी हैं। झारखंड के दल में महिला और पुरुष दोनों वर्गों के खिलाड़ी शामिल हैं, जो रेगु, क्वाड और डबल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
सेपक टकरा: पैर और सिर का खेल
सेपक टकरा दक्षिण-पूर्व एशिया का परंपरागत खेल है, जिसमें खिलाड़ी पैर, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों से गेंद को नेट के पार पहुंचाते हैं। हाथों का इस्तेमाल इस खेल में वर्जित होता है। भारत में यह खेल अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और राष्ट्रीय स्तर पर इसकी प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ग्वालियर में हो रही यह चैंपियनशिप प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी, क्योंकि वे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को अपने शहर में खेलते हुए देख सकेंगे।

