back to top
Friday, October 30, 2026
Homeखेलशिवपुरी में अंडर-18 बालिका हॉकी महाकुंभ, 8 जिलों की टीमें मैदान में

शिवपुरी में अंडर-18 बालिका हॉकी महाकुंभ, 8 जिलों की टीमें मैदान में

शिवपुरी में बालिका हॉकी का महाकुंभ शुरू हो गया है। शहर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया जिला खेल परिसर स्थित हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान पर गुरुवार को राज्य स्तरीय अंडर-18 बालिका हॉकी फीडर सेंटर प्रतियोगिता का आगाज हुआ। तीन दिन तक चलने वाली यह प्रतियोगिता 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। इसका शुभारंभ पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने किया। खेल और युवा कल्याण विभाग के तहत हो रही इस प्रतियोगिता में प्रदेश के आठ जिलों की बालिका टीमें हिस्सा ले रही हैं।

आठ जिलों की टीमें दिखा रहीं दमखम

प्रतियोगिता में शिवपुरी के अलावा सिवनी, खरगोन, रायसेन, ग्वालियर, गुना, सागर और रतलाम की टीमें मैदान में उतरी हैं। इन जिलों की युवा खिलाड़ियों को इस मंच के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाने और राज्य स्तर पर खेल कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिल रहा है। फीडर सेंटर प्रतियोगिताओं का मकसद ही यही है कि छोटे जिलों की प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल मिले, ताकि वे आगे चलकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर सकें।

फ्लड लाइट में हो रहे डे-नाइट मुकाबले

प्रतियोगिता के सभी मुकाबले जिला खेल परिसर के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर फ्लड लाइट की सुविधा के बीच डे-नाइट प्रारूप में खेले जा रहे हैं। मैच लीग पद्धति से आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें प्रत्येक टीम को तीन मुकाबलों में खेलने का अवसर दिया जा रहा है। लीग प्रारूप से हर टीम को पर्याप्त मैच मिलते हैं और खिलाड़ियों को अपनी गलतियों से सीखकर अगले मुकाबले में सुधार करने का मौका भी मिलता है। दर्शकों के लिए भी शाम के समय फ्लड लाइट में होने वाले मुकाबले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

बालिका खिलाड़ियों को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी डॉ. के.के. खरे के अनुसार इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं बालिका खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने, अनुभव हासिल करने और खेल प्रतिभा को निखारने का मंच प्रदान करती हैं। हॉकी फीडर सेंटर के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक खेल का अनुभव देकर भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। शिवपुरी में आयोजित यह प्रतियोगिता बालिका हॉकी को बढ़ावा देने और प्रदेश की उभरती खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

मध्य प्रदेश में हॉकी की मजबूत परंपरा

मध्य प्रदेश में हॉकी की परंपरा काफी मजबूत रही है। ग्वालियर और शिवपुरी जैसे शहरों के एस्ट्रोटर्फ मैदानों ने कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। राज्य सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से फीडर सेंटरों के जरिए जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। अंडर-18 आयु वर्ग की यह प्रतियोगिता इसलिए भी अहम है, क्योंकि इसी उम्र से खिलाड़ियों की पहचान होती है और उन्हें राज्य की जूनियर टीमों में जगह बनाने का रास्ता मिलता है। शिवपुरी की यह प्रतियोगिता प्रदेश की बालिका हॉकी के भविष्य के लिए एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments