टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की चोट उम्मीद से कहीं ज्यादा गंभीर हो गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वह अब अगले छह महीने तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहेंगे और उनकी वापसी सीधे मार्च 2027 में शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग के सीजन में ही संभव दिख रही है। इस खबर ने भारतीय टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है।

पिंडली की स्ट्रेस इंजरी बनी परेशानी
आईपीएल 2026 सीजन के दौरान चोटिल होने के बाद से हार्दिक मैदान से बाहर हैं। आईपीएल में वह चोट के बावजूद कुछ मैच खेले थे, लेकिन सीजन खत्म होने के बाद से पूरी तरह क्रिकेट एक्शन से दूर हैं। वह बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन से गुजर रहे हैं, जहां सितंबर में मैच सिमुलेशन प्रैक्टिस के दौरान उनकी पिंडली के अंदरूनी हिस्से में स्ट्रेस इंजरी उभर आई। इसके बाद उनकी वापसी की योजना फिर से पटरी से उतर गई।
रिहैब प्लान और वापसी की समय-सीमा
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई के डॉक्टर दिनशॉ पारदीवाला ने पिछले हफ्ते पांड्या की मेडिकल रिपोर्ट की समीक्षा की थी। तय रिहैब शेड्यूल के अनुसार वह करीब तीन हफ्ते बाद हल्की जॉगिंग शुरू कर पाएंगे, जिसके बाद आठ हफ्तों में धीरे-धीरे दौड़ने का बोझ बढ़ाया जाएगा। उनकी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी बहुत सावधानी से बढ़ाई जा रही है ताकि चोट वाली जगह पर अतिरिक्त दबाव न पड़े। मैच फिटनेस हासिल करने की अभी कोई तय समय-सीमा नहीं है।
कई बड़ी सीरीज से बाहर रहेंगे
इस लंबी इंजरी ब्रेक के कारण हार्दिक दिसंबर-जनवरी में श्रीलंका के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के साथ-साथ जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में भी नहीं खेल पाएंगे। घरेलू स्तर पर विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे व्हाइट बॉल टूर्नामेंट भी उनकी पहुंच से बाहर हो जाएंगे। टी20 विश्व कप 2026 के बाद से वह अफगानिस्तान, आयरलैंड, इंग्लैंड, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के अलावा एशियाई खेलों से भी बाहर रहे हैं।
बोर्ड की योजना थी कि वनडे विश्व कप 2027 को ध्यान में रखकर हार्दिक को 50 ओवर के फॉर्मेट के लिए तैयार किया जाए, लेकिन फिटनेस में देरी से यह रणनीति खटाई में पड़ती दिख रही है। बीसीसीआई उनकी वापसी में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता और उन्हें पूरी तरह ठीक होने का पर्याप्त समय दे रहा है।

