back to top
Saturday, November 7, 2026
Homeटेक्नॉलॉजीIIT दिल्ली और वॉलमार्ट की साझेदारी: AI रिसर्च के लिए 9 करोड़,...

IIT दिल्ली और वॉलमार्ट की साझेदारी: AI रिसर्च के लिए 9 करोड़, 4 साल की पहल

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वॉलमार्ट ग्लोबल टेक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के क्षेत्र में शोध, शिक्षा और प्रतिभा विकास को मजबूत करने के लिए एक बड़ी साझेदारी की है। यह चार साल की पहल करीब 9 करोड़ रुपये की है, जिसमें चालू वित्त वर्ष के लिए करीब 2.3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस सहयोग से देश में एआई शोध के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने और शोधकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार होने की उम्मीद है।

IIT दिल्ली और वॉलमार्ट AI रिसर्च साझेदारी

क्या-क्या होगा इस साझेदारी में

इस सहयोग के तहत यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उद्योग और समाज के लिए उपयोगी अनुप्रयोगों पर केंद्रित शोध करेगा, छात्र शोधकर्ताओं को विशेष फेलोशिप देगा और फैकल्टी विकास व शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह पहल उद्योग जगत के पेशेवरों और वंचित समुदायों के शिक्षार्थियों तक भी सीखने के अवसर पहुंचाएगी, जिससे एआई शिक्षा आईआईटी दिल्ली के परिसर से बाहर भी विस्तार पाएगी। आईआईटी दिल्ली अगले चार साल तक इस पहल के क्रियान्वयन का नेतृत्व करेगा और नियमित समीक्षा के जरिए प्रगति का आकलन किया जाएगा।

अधिकारियों ने क्या कहा

आईआईटी दिल्ली के कॉर्पोरेट संबंधों के डीन प्रोफेसर जयंत जैन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अभूतपूर्व गति से शोध, उद्योग और समाज को बदल रहा है। उद्योग के साथ साझेदारी उन्नत शोध, नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमिता के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने का एक अहम रास्ता है। वॉलमार्ट ग्लोबल टेक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कंट्री हेड बालू चतुर्वेदुला ने कहा कि भारत के पास एआई युग में निर्णायक ताकत बनने की प्रतिभा और महत्वाकांक्षा है, और अब जरूरत उस शोध, इंजीनियरिंग और शिक्षा की गहराई बनाने की है जिससे यह प्रतिभा प्रौद्योगिकी को स्थायी रूप से आकार दे सके।

यार्डी स्कूल ऑफ एआई के बारे में

यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना 2020 में हुई थी। यह विभिन्न विषयों के शिक्षकों को एक साथ लाकर एआई में शोध और शिक्षा को आगे बढ़ाता है। इसके शोध क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा, रोबोटिक्स, पदार्थ विज्ञान, इंडस्ट्री 4.0, जलवायु और परिवहन शामिल हैं। स्कूल का नेतृत्व प्रोफेसर चेतन अरोड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सहयोग विश्वस्तरीय एआई शोध और प्रतिभा को पोषित करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके मुताबिक इस सहयोग से शोध का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और समाज की वास्तविक समस्याओं को सुलझाने वाले अनुप्रयोगों तक बुनियादी शोध को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी प्रतिभा तैयार होगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments