back to top
Saturday, April 18, 2026
HomeBusinessIndia-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील अटकी, PM मोदी ने ट्रंप को...

India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील अटकी, PM मोदी ने ट्रंप को कॉल करने से किया इनकार

India-US Trade Deal: अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील पर गतिरोध जारी है। बीते गुरुवार को अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने खुलासा किया कि यह डील अंतिम रूप क्यों नहीं ले पाई, इसका कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पर्सनली फोन करने से इनकार करना है। लुटनिक के अनुसार डील पूरी तरह से तैयार थी और उम्मीद थी कि इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को कॉल करने से मना कर दिया, जिससे अमेरिकी राष्ट्रपति का अहंकार आहत हुआ और डील फाइनल नहीं हो सकी। लुटनिक ने यह भी कहा कि अमेरिका ने इंडोनेशिया, वियतनाम और फिलीपींस के साथ पहले ही समझौते कर लिए हैं और भारत के साथ डील पूरी हो जाने की उम्मीद थी।

भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का खतरा

भारत-अमेरिका के बीच चल रही इस टकराव के बीच अमेरिका ने नए सैंक्शन नियमों का भी संकेत दिया है, जो भारत के लिए चिंता का विषय बन गया है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट’ को मंजूरी दे दी है। इस एक्ट के तहत रूस से सस्ते दामों पर क्रूड ऑयल आयात करने वाले देशों जैसे भारत, चीन और ब्राजील पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए जाने का प्रावधान है। यह कदम रूस के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए उठाया गया है ताकि यूक्रेन में रूस के आक्रमण को रोका जा सके। इस नई नीति के कारण भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड संबंधों पर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

भारत के एक्सपोर्ट्स पर टकराव का असर

देश के निर्यातकों का मानना है कि दोनों देशों के अधिकारियों को मिल बैठकर इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए ताकि एक लाभकारी और स्थायी ट्रेड एग्रीमेंट बन सके। फिलहाल अमेरिका पहले ही भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा चुका है, जिससे दोनों देशों के कारोबार को नुकसान हो रहा है। अगर टैरिफ बढ़ा तो इससे व्यापारिक रिश्ते और बिगड़ेंगे। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि बातचीत जारी रखनी चाहिए ताकि डील फाइनल हो सके। लेदर इंडस्ट्री से जुड़े एक एक्सपोर्टर का मानना है कि अमेरिका भारत के लिए एक बड़ा बाजार है और इस डील से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वहीं इंजीनियरिंग क्षेत्र के एक और एक्सपोर्टर ने कहा कि द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट व्यापारिक अनिश्चितताओं को कम करने में मदद करेगा।

विशेषज्ञों की राय: पर्सनल डिप्लोमेसी से बढ़कर हैं मुद्दे

थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के फाउंडर अजय श्रीवास्तव ने इस देरी को सिर्फ एक टूटी हुई फोन कॉल से जोड़ना आसान कहानी बताया लेकिन इसका असली कारण दोनों पक्षों के बीच नीतिगत मतभेद हैं। उन्होंने कहा कि यह विवाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रिश्तों में से एक को कम आंकने का खतरा पैदा करता है। श्रीवास्तव के अनुसार, यह स्थिति केवल व्यक्तिगत मुद्दा नहीं बल्कि गहरे पॉलिसी विवादों का परिणाम है, जिन पर जल्द संवाद और समझौता जरूरी है। दोनों देशों के लिए यह आवश्यक होगा कि वे आपसी हित में बातचीत को तेज करें ताकि यह महत्वपूर्ण ट्रेड डील जल्द ही पूरी हो सके और व्यापारिक संबंध मजबूत बने रहें।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments