इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के कार्यालय पर शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। नाराजगी की वजह जमीन के किराए को लेकर कथित दोहरा मापदंड था। कांग्रेस का आरोप है कि 19 सितंबर को शहर में हुए राहुल गांधी के कार्यक्रम “छात्रों की गूंज” के लिए प्राधिकरण ने 14 लाख रुपये किराया वसूला, लेकिन बुधवार को विजय नगर के आईडीए ग्राउंड पर भाजपा के “संकल्प ज्योति अभियान” के आयोजन के लिए कोई राशि नहीं ली गई।


कांग्रेस अध्यक्ष बोले- आईडीए अफसर भाजपा के एजेंट बनकर कर रहे काम
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि आईडीए के अधिकारी भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यक्रम के लिए कोई शुल्क नहीं वसूला गया, जबकि कांग्रेस से 14 लाख रुपये लिए गए और रसीद भी नहीं दी गई। चौकसे ने मांग की कि जमीन के किराए को लेकर नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ता प्राधिकरण के गेट के सामने बैठकर नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह का पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका दावा था कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब भाजपा ने शहर में कई आयोजन किए, लेकिन कांग्रेस ने कभी इस तरह का रवैया नहीं अपनाया था।
पटाखा मार्केट पर भी समान शुल्क की मांग
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि आईडीए ग्राउंड पर पटाखा मार्केट भी लगाया जा रहा है। दुकानदारों से भी समान शुल्क लिया जाना चाहिए, ताकि किसी के साथ भेदभाव न हो। प्रदर्शन में देवेंद्र सिंह यादव, राजू भदौरिया, पिंटू जोशी और सच सलूजा सहित कई नेता मौजूद रहे।
छात्रों की गूंज कार्यक्रम की पृष्ठभूमि
बता दें कि “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के लिए पहले नेहरू स्टेडियम की मांग की गई थी, लेकिन नगर निगम ने कोर्ट के नियमों का हवाला देकर उसे देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्राधिकरण के मैदान की जमीन मांगी गई, लेकिन उसकी अनुमति मिलने में भी देरी हुई। अंततः अस्थायी लीज के आधार पर 50 हजार वर्गफीट जमीन तीन दिनों के लिए दी गई थी।


