इंदौर। शहर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को 5वें विमेन लीडरशिप कॉन्क्लेव 2026 का भव्य आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में देशभर से आई 400 से अधिक महिला उद्यमियों और पेशेवरों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने इस बार का विषय “बियॉन्ड शेपिंग व्हाट्स नेक्स्ट” रखा, जिसका मकसद महिलाओं को अपनी सीमाओं से बाहर निकलकर नेतृत्व करने, नए अवसर तलाशने और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।


12 महिला दिग्गजों ने साझा किए अपने अनुभव
कॉन्क्लेव में विभिन्न क्षेत्रों की 12 प्रमुख महिला वक्ताओं ने नेतृत्व, उद्यमिता और मार्केटिंग जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। वेस्टसाइड फैशन लाइफस्टाइल की सीईओ और सीओओ शैलिना पार्टि ने शून्य से 25 करोड़ रुपये का ब्रांड खड़ा करने का अपना सफर सुनाया। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी में महिला कर्मचारियों की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत से बढ़कर 65 प्रतिशत हो गई है। उनका कहना था कि लक्ष्य स्पष्ट रखो, निडर होकर निर्णय लो और बदलाव को अपनाओ — यही सफलता की कुंजी है।
लेखिका और सॉल्ट की सह-संस्थापक शिंजनी कुमार ने महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। उन्होंने 30 शहरों की 300 महिलाओं पर हुए अध्ययन का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाएं बेहद सक्षम हैं, फिर भी उन्हें अक्सर सीमित दायरों में रखा जाता है। उनके अनुसार हर महिला को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना चाहिए, ताकि वह अपने निर्णय खुद ले सके।
निविया इंडिया की प्रबंध निदेशक गीतिका मेहता ने ब्रांड निर्माण और नेतृत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि पूर्णता एक भ्रम है। उन्होंने सलाह दी कि अपने दिल की आवाज सुनो और बिना संकोच के ना कहना सीखो, यही आगे बढ़ने का सही रास्ता है।
कला, तकनीक और बिजनेस में नारी शक्ति की मिसाल
रंगमंच अभिनेत्री और कास्टिंग निर्देशक डॉली ठाकोर ने कहा कि आज की भारतीय महिलाएं आत्मविश्वासी, समझदार और परिश्रमी हैं, जो अपनी राह खुद बना रही हैं। बालाजी वेफर्स की टेक्नोलॉजी एवं मार्केटिंग प्रमुख मानसी विरानी ने परंपरा और तकनीक के तालमेल पर जोर दिया। उनके अनुसार असली तरक्की तभी होती है, जब इंसान अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकले।
रस लग्जरी स्किनकेयर की संस्थापक और सीईओ शुभिका जैन ने बताया कि शुद्धता और गुणवत्ता से कभी समझौता किए बिना ही वैश्विक ब्रांडों को टक्कर दी जा सकती है। कर सलाहकार और जीएसटी विशेषज्ञ सीए शिवानी शाह अग्रवाल्ला ने आत्म-मूल्य और संतुलित संबंधों पर बात रखी। उनका कहना था कि आप दूसरों को जो देते हैं, उसी से आपका जीवन बनता है।
ब्रांड रणनीतिकारों और इमेज कोच के गुरुमंत्र
एचआरएक्स की चीफ स्ट्रैटेजी एडवाइजर पल्लवी बर्मन ने सलाह दी कि अपनी कहानी के प्रति सच्चे रहो और अपने काम पर गर्व करो। लर्निंग एंड डेवलपमेंट प्रमुख डॉ. शिवानी शर्मा ने प्रभावी संवाद की तकनीक पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहली छाप का गहरा असर पड़ता है और बातचीत में हाव-भाव सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अभिनेत्री सुनीता राजवर ने जमीन से जुड़े रहने और विनम्रता को सफलता की नींव बताया। वहीं गायिका और कवयित्री चिन्मयी त्रिपाठी ने कठिन समय से सीखने और खुद को कभी कम न आंकने का संदेश दिया।
सामाजिक और पर्यावरण जागरूकता की पहल
कार्यक्रम में बताया गया कि बियोंड मूवमेंट के तहत चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अब तक 1,000 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं। इसके अलावा बियोंड ड्रॉप पहल के माध्यम से जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को लेकर जागरूकता फैलाई जा रही है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को मेंटॉरशिप, प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के अवसर देकर उनके कौशल को निखारना है।


