इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन का काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है और यात्रियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। नए साल में इंदौर से धार तक रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद और मजबूत हो गई है। इस परियोजना की सबसे अहम कड़ी यानी सुरंग में सोमवार को टावर वेगन चलाकर सफल ट्रायल रन किया गया।
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टीही के समीप बनी तीन हजार मीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा हो चुका है और सोमवार रात अधिकारियों ने टावर वेगन में सवार होकर इसका निरीक्षण किया। वेगन कम गति से सुरंग के दोनों सिरों के बीच दौड़ी। यह परीक्षण रेलवे ट्रैक की लिंकिंग पूरी होने के बाद किया गया।
टीही-धार रेलखंड: अंतिम चरण में निर्माण
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि टीही से धार तक लगभग 47 किलोमीटर लंबे रेलखंड में निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस रेलखंड में तीन हजार मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है। सुरंग के अंदर बैलास्टलेस ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है, साथ ही विद्युतीकरण और सिग्नलिंग का काम भी हो गया है।
सुरंग के दोनों सिरों पर टीही और पीथमपुर की ओर रेलवे ट्रैक की लिंकिंग पूरी होने के बाद टावर वेगन को सुरंग के आर-पार चलाकर निरीक्षण किया गया। यह ट्रायल इस परियोजना के लिए एक बड़ा पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि सुरंग का निर्माण ही इस रेलखंड का सबसे चुनौतीपूर्ण काम था।
छह साल का सफर: पानी भरने से दो साल रुका काम
टीही के पास सुरंग का काम छह साल पहले शुरू हुआ था, लेकिन दो साल तक सुरंग में पानी भर जाने के कारण काम बंद रहा। डेढ़ साल पहले रेलवे ने सुरंग के दोनों सिरों पर दोबारा काम शुरू किया। अब सुरंग बनकर तैयार है और इसके निर्माण में डेढ़ साल से ज्यादा का समय लगा है।
अब टीही से धार के बीच रेलवे ट्रैक का काम चल रहा है। इसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद पूरे ट्रैक का ट्रायल रन होगा और रेल सुरक्षा आयुक्त से ट्रेन संचालन की अनुमति ली जाएगी। अनुमति मिलने के बाद नए साल में यात्री इंदौर से धार तक ट्रेन से सफर कर सकेंगे, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और इंदौर-दाहोद रेल संपर्क की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ेगा।

