त्योहारों के मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ते ही मिलावट का खेल भी तेज हो जाता है, लेकिन इस बार इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने समय रहते एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर दिया है। दीपावली से ठीक पहले शहर के अहीरखेड़ी इलाके में चल रही एक मावा फैक्ट्री पर छापा मारा गया, जहां असली दिखने वाला नकली मावा तैयार किया जा रहा था। कार्रवाई मध्य प्रदेश के खाद्य सुरक्षा आयुक्त मनोज पुष्प और इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर की गई। विभाग ने फैक्ट्री को तत्काल सील कर दिया और वहां से 341 किलोग्राम संदिग्ध सामग्री अपने कब्जे में ले ली है।

कैसे बनता था नकली मावा
जांच में जो तरीका सामने आया है, वह आम उपभोक्ता के लिए चौंकाने वाला है। पहले दूध से उसकी असली मलाई यानी फैट अलग कर ली जाती थी। इसके बाद बचे हुए दूध में स्किम्ड मिल्क पाउडर और वनस्पति तेल मिलाकर ऐसा मावा तैयार किया जाता था, जो देखने में हूबहू असली जैसा लगता था। त्योहार के सीजन में इस नकली मावे की खपत मिठाइयों के जरिए बड़े पैमाने पर हो सकती थी। छापे के समय फैक्ट्री के प्रभारी कानसिंह राजपुरोहित मौके पर मौजूद थे, लेकिन वे मावा बनाने से जुड़ा कोई वैध कागज टीम को नहीं दिखा सके।
लाइसेंस नहीं मिला तो फैक्ट्री सील
निरीक्षण के दौरान एक और गंभीर खामी सामने आई। फैक्ट्री के पास खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए जरूरी श्रेणी का खाद्य पंजीयन उपलब्ध नहीं था। बिना लाइसेंस के उत्पादन और मिलावट की पुख्ता आशंका — इन दोनों वजहों से विभाग ने कोई देर किए बिना प्रतिष्ठान को सील करने का फैसला लिया। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की इकाइयां त्योहार के दिनों में ही सक्रिय होती हैं, इसलिए इन पर सख्ती बेहद जरूरी है।
क्या-क्या जब्त हुआ
मौके से जब्त सामग्री का ब्योरा भी विभाग ने जारी किया है। इसमें करीब 298 किलोग्राम संदिग्ध मावा, 28 किलोग्राम वनस्पति तेल और 15 किलोग्राम सूजी शामिल है। कुल जब्ती 341 किलोग्राम बताई गई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 75 हजार रुपये आंकी गई है। यह मात्रा बताती है कि फैक्ट्री में उत्पादन छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि व्यवस्थित तरीके से चल रहा था।
पांच सैंपल भोपाल लैब भेजे गए
खाद्य सुरक्षा दल ने कारखाने से कुल पांच अलग-अलग नमूने एकत्र किए हैं। इनमें मीठे मावे के दो सैंपल, वनस्पति का एक सैंपल, सूजी का एक सैंपल और स्किम्ड मिल्क पाउडर का एक सैंपल शामिल है। सभी नमूनों को तुरंत भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होते ही दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सीधे कोर्ट केस दर्ज होगा और एफआईआर के बाद जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
दीपावली तक अभियान जारी रहेगा
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि दीपावली पर्व तक मावा और मिठाई माफियाओं के खिलाफ यह तलाशी अभियान शहर में लगातार चलता रहेगा। उपभोक्ताओं के लिए भी यह एक चेतावनी है कि त्योहार पर मिठाई खरीदते समय भरोसेमंद दुकानों को ही प्राथमिकता दें और पैकेट पर लाइसेंस व निर्माण की जानकारी जरूर देखें। इंदौर की इस कार्रवाई ने एक बार फिर दिखा दिया है कि त्योहारों में सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन की नजर है।

