इंदौर के कनकेश्वरी देवी गरबा पंडाल से जुड़े विवाद में नया मोड़ आ गया है। एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित बदसलूकी और उसे धक्का देकर बाहर निकालने के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और कहा है कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें फांसी के फंदे पर लटका दिया जाए। चौहान ने बच्ची से माफी भी मांगी है।

## क्या हैं आरोप
इस मामले में आरोप है कि गरबा पंडाल में एक बच्ची के साथ बदसलूकी की गई और उसे धक्का देकर बाहर निकाला गया। इन आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बच्ची और उसके परिजनों से पूछताछ कर ली है और वे घटना की रात की सारी बातें पुलिस को बता चुके हैं। वहीं, बच्ची और उसके परिजनों की ओर से इस मामले पर अभी कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। आरोपों की सत्यता का फैसला अब पुलिस और प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
## भाजपा नेता का पक्ष
कमल सिंह चौहान ने अपने वीडियो संदेश में घटना का दूसरा पक्ष रखा है। उनका दावा है कि घटना वाली रात बच्ची के पिता ने शराब पी रखी थी और अत्यधिक नशे की हालत में वहां पहुंचे थे। चौहान के अनुसार, गरबा करने वाली अन्य बालिकाओं ने आकर उनसे इस बात की शिकायत की थी, जिसके बाद पूरा विवाद शुरू हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि जब वे बच्ची को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे तो उसने भी उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। चौहान का यह भी दावा है कि वह बच्ची नियमित रूप से उस पंडाल में गरबा नहीं करती थी।
## बारह साल से सेवा का दावा
चौहान ने अपने वीडियो में कहा कि वे लगभग बारह वर्षों से इस गरबा उत्सव में लगातार अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बड़े आयोजन में रोज करीब पांच हजार बालिकाएं गरबा करने के लिए आती हैं और इतने लंबे समय के कार्यकाल में कभी भी इस तरह की कोई अवांछित घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि गरबा स्थल पर हजारों माता-पिता अपनी बेटियों पर पूरा भरोसा करके उन्हें भेजते हैं, इसलिए आयोजकों को किसी भी विवाद पर क्या कदम उठाने चाहिए, इस पर गंभीरता से विचार करना बेहद जरूरी है।
## नोटिस और जांच की मांग
चौहान के अनुसार, घटना के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और भाजपा के नगर अध्यक्ष की ओर से उन्हें एक आधिकारिक नोटिस भी जारी किया गया है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नगर अध्यक्ष से इस पूरे प्रकरण की तह तक जाकर जांच कराने की मांग की है। चौहान ने कहा कि यदि उनकी किसी भी बात या कृत्य से किसी को ठेस पहुंची है तो इसके लिए वे क्षमा प्रार्थी हैं। उन्होंने अंत में अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यदि पुलिस या प्रशासनिक जांच में वे किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाते हैं तो वे हर प्रकार की सजा भुगतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

