back to top
Monday, October 19, 2026
Homeराज्यडेली कॉलेज में आरएसएस आयोजन पर विवाद, दिग्विजय सिंह ने जताई आपत्ति

डेली कॉलेज में आरएसएस आयोजन पर विवाद, दिग्विजय सिंह ने जताई आपत्ति

इंदौर के सबसे प्रतिष्ठित और करीब डेढ़ सौ साल पुराने शिक्षण संस्थान डेली कॉलेज में होने जा रहे एक आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस संस्थान के पूर्व छात्र और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आयोजन पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस मुद्दे को कॉलेज के अध्यक्ष विक्रम सिंह पंवार के सामने भी रखा है और कहा है कि वे संघ प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर आयोजन का स्थान बदलने की मांग करेंगे।

## क्या है पूरा मामला

डेली कॉलेज परिसर में संघ के एक आयोजन की अनुमति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दिग्विजय सिंह का कहना है कि डेली कॉलेज जैसे ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान में इस तरह के आयोजन नहीं होने चाहिए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। सिंह खुद इस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं, इसलिए वे खुद को इस संस्थान से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ बताते हैं। उनका कहना है कि संस्थान की परंपरा और उसके मूल स्वरूप को बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है।

## दिग्विजय सिंह ने क्या कहा

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे दस साल तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन इस दौरान उन्होंने कभी भी डेली कॉलेज में किसी राजनीतिक आयोजन के लिए परिसर दिलाने को लेकर कॉलेज बोर्ड पर कोई दबाव नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि एक ओल्ड डेलियन होने के नाते उन्हें दुख है कि डेढ़ सौ साल के इतिहास में इस कॉलेज में कभी राजनीतिक आयोजन नहीं हुए, लेकिन पिछले दो साल से इस तरह के आयोजन हो रहे हैं। सिंह का कहना है कि इन आयोजनों से अभिभावक भी खुश नहीं हैं, हालांकि वे खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं।

## हॉस्टल खाली कराने पर भी आपत्ति

दिग्विजय सिंह ने कॉलेज के हॉस्टल को खाली कराए जाने पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हॉस्टल खाली करा दिया गया है, जहां संघ के कार्यकर्ता ठहरेंगे। सिंह ने इस व्यवस्था का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि छात्रों के रहने की जगह को इस तरह आयोजन के लिए खाली कराना सही नहीं है।

## शिक्षा संस्थानों में राजनीति पर सवाल

सिंह ने इस मुद्दे को व्यापक नजरिए से भी उठाया है। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में राजनीति के प्रवेश से ऐसी संस्थाओं का मूल स्वरूप समाप्त होने लगता है। उनके अनुसार, देश में शिक्षा का प्रसार विचारधारा के आधार पर करना भारतीय संस्कारों और संस्कृति का हिस्सा नहीं रहा है। सिंह ने कहा कि वे इस आयोजन का विरोध कर रहे हैं और चाहते हैं कि कॉलेज परिसर को इस तरह के आयोजनों से दूर रखा जाए। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कॉलेज प्रबंधन और संघ इस आपत्ति पर क्या रुख अपनाते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments