इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में बजरंग नगर के माता मंदिर के पास गरबा देखने गए एक 16 वर्षीय छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान रामनगर निवासी प्रथमेश पुत्र सत्यम जयभान के रूप में हुई है, जो दसवीं कक्षा में पढ़ता था। पूरी घटना 12 अक्टूबर की बताई जा रही है, जब गरबा पंडाल के बाहर बाइक टकराने को लेकर मामूली विवाद शुरू हुआ था। गाली-गलौज बढ़ने पर आरोपियों ने प्रथमेश पर चाकू से कई वार कर दिए। एक सप्ताह तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद सोमवार दोपहर को उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीन को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार हैं।

बाइक टकराने के मामूली विवाद से शुरू हुआ था झगड़ा
पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर को प्रथमेश घर से अकेला ही बजरंग नगर के माता मंदिर के पास स्थित गरबा पंडाल देखने गया था। यह पंडाल उसके घर से करीब 2 किलोमीटर दूर था। पंडाल के बाहर बाइक टकराने को लेकर कुछ युवकों से उसका विवाद हो गया। विवाद में चार से पांच युवक शामिल थे, जिनमें कुछ नाबालिग भी थे। गाली-गलौज बढ़ने के बाद आरोपियों ने तैश में आकर प्रथमेश पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने उसके सिर पर कड़े से वार किया, जिससे उसे गहरी चोट आई। इसके अलावा उसके गुप्तांग के पास चाकू से गंभीर वार किया गया और पैरों पर भी चोट के निशान पाए गए।
खून से लथपथ पंडाल के पास पड़ा रहा, दोस्तों ने पहुंचाया घर
मृतक के चाचा रोहन ने बताया कि हमले के बाद प्रथमेश काफी देर तक खून से लथपथ हालत में पंडाल के पास ही बेसुध पड़ा रहा। बाद में उसके दोस्तों ने उसे इस हाल में देखकर घर पहुंचाया, जहां से परिजन उसे आनन-फानन में निजी अस्पताल लेकर गए। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि अत्यधिक खून बह जाने के कारण उसके पूरे शरीर में खतरनाक संक्रमण फैल चुका था। चाकू लगने के बाद से वह लगातार एक सप्ताह तक अस्पताल में कोमा जैसी बेहोशी की हालत में रहा। इस दौरान पुलिसकर्मी उसका बयान दर्ज करने अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन अचेत अवस्था के कारण बयान दर्ज नहीं हो सके, जिससे परिजन काफी परेशान रहे।
तीन आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
हीरानगर थाना प्रभारी कमल किशोर के अनुसार, मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपेश भालेकर और उसके दो नाबालिग साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य दो आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने आसपास के रहवासियों और गरबा पंडाल के आयोजकों से गहन पूछताछ की, जिसके बाद आरोपियों के नाम सामने आए।
अक्टूबर में हत्या की पांचवीं वारदात, 9 महीने में 61 मामले
इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर महीने के शुरुआती 20 दिनों में ही शहर में हत्या की यह पांचवीं घटना है। वहीं, इस साल जनवरी से अब तक हत्या के कुल 61 मामले सामने आ चुके हैं। जानकारों का कहना है कि लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाएं और घटती आपसी सहनशीलता शहर के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

