इंदौर में मानवता की दो अनूठी मिसालें एक साथ सामने आई हैं, जिन्होंने दुख की घड़ी में भी दूसरों के जीवन की रोशनी बनने का फैसला किया। मालवीय नगर निवासी रविन्द्र पंवार के 11 वर्षीय पुत्र पार्थ पंवार के आकस्मिक निधन के बाद परिवार ने असीम दुख के बीच अद्भुत साहस दिखाते हुए पार्थ के नेत्रदान और त्वचादान की सहमति दी। परिवार का यह निर्णय समाज के लिए एक प्रेरणादायी मिसाल बन गया है। पार्थ के नेत्रों से दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलेगी, वहीं उनकी त्वचा गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के उपचार में जीवनदायिनी साबित होगी।
कटनी के व्यापारी का भी अंगदान
इसी कड़ी में इंदौर में सेवा और मानवता का एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ा है। कटनी निवासी 56 वर्षीय बर्तन व्यवसायी सुनील कुमार ताम्रकार ब्रेन हेमरेज के बाद सीएचएल केयर हॉस्पिटल, इंदौर में उपचाररत थे। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें संभावित ब्रेन डेथ की स्थिति में बताया। दिवंगत की धर्मपत्नी एडवोकेट तृप्ति ताम्रकार अपनी सहेली स्व. एडवोकेट अभिजीता राठौर के 10 माह पूर्व हुए अंगदान से प्रेरित थीं। उनके भाई शासकीय अधिवक्ता अभिजीत राठौर और अधिवक्ता तनुजा मलकापुरकर की प्रेरणा से परिवार ने मुस्कान ग्रुप के सेवादारों से संपर्क और परामर्श के बाद अंगदान की सहमति दी।
तकनीकी कारणों से कुछ अंग दान योग्य नहीं थे
सुनील कुमार ताम्रकार स्वयं गुर्दा रोग से पीड़ित थे, और हार्ट व लंग्स तकनीकी कारणों से दान योग्य न होने के कारण स्थगित किए गए। नियमानुसार इसके तहत लिवर, आंख और त्वचा का दान किया जा सका। दान प्रक्रिया के तहत प्रथम ब्रेन डेथ सर्टिफिकेशन शाम 5 बजे और द्वितीय रात्रि 11:30 बजे संपन्न हुआ। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के नोडल ऑफिसर डॉ. मनीष पुरोहित और निधि शर्मा द्वारा विधिवत प्रक्रिया पूरी की गई।
लिवर मिला इंदौर के 58 वर्षीय मरीज को
दानदाता का लिवर सीएचएल केयर हॉस्पिटल में ही भर्ती इंदौर निवासी 58 वर्षीय पुरुष को प्रत्यारोपित किया गया। नेत्रदान एमके इंटरनेशनल आई बैंक और त्वचा का दान चोइथराम स्किन बैंक के द्वारा प्राप्त किया गया, जो विभिन्न जरूरतमंद रोगियों के लिए उपकार साबित होगा। अस्पताल की टीम से एचसीओओ तारिक ताजदार, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. सुरेंद्र सिंह परिहार, सीनियर इंटेंसिविस्ट डॉ. निखिलेश जैन, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर मोनिशा बगानी और उत्तम पाटीदार का विशेष सहयोग रहा।
जनप्रतिनिधियों ने की निगरानी, गार्ड ऑफ ऑनर से विदाई
इस दौरान इंदौर सांसद शंकर लालवानी, संभागायुक्त डॉ. भास्कर लाक्षाकार और एप्रोप्रिएट अथॉरिटी डॉ. अरविंद धनघरिया द्वारा सतत मॉनिटरिंग की गई। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने विदाई के समय शोक संवेदनाएं रखते हुए परिवारजनों को ढांढस बंधाया और उनके परोपकारी कार्य की प्रशंसा की। मध्य प्रदेश शासन द्वारा दिवंगत को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस पुण्य कार्य में धर्मपत्नी तृप्ति, पुत्री कुमकुम, पुत्र यशवर्धन और साले पुनम वर्मा का विशेष योगदान रहा।
मुस्कान ग्रुप की अपील
यह पुनीत कार्य मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट के माध्यम से संपन्न हुआ। इस पूरी समन्वय सेवा में संजय कासलीवाल, लक्की खत्री और उमेश कुंडल का विशेष योगदान रहा, जबकि तकनीकी सहयोग जीतू बगानी और निवेदिता गोयल द्वारा दिया गया। मुस्कान ग्रुप ने पवार परिवार के इस अनुकरणीय और साहसिक निर्णय को नमन करते हुए सभी नागरिकों से नेत्रदान और त्वचादान के लिए आगे आने की अपील की है। इस पूरी प्रक्रिया में मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य, उमेश कुंडल और लक्की खत्री ने समन्वय किया।

