इंदौर के सराफा बाजार में गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर सुधार देखने को मिला है। करवा चौथ के दिन खरीदारी का माहौल बना हुआ है और निचले स्तरों से लौटी खरीदारी ने कीमती धातुओं को सहारा दिया है। ऑल इंडिया बुलियन के आंकड़ों के मुताबिक आज सुबह 24 कैरेट सोने का भाव 1,45,806 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोना 1,33,558 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,09,354 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। चांदी का भाव 1,99,390 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बना हुआ है। गहनों के अंतिम बिल में मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और 3 प्रतिशत जीएसटी अलग से जुड़ता है, इसलिए ग्राहकों को दुकान पर अंतिम कीमत इससे कुछ अधिक पड़ेगी।

इंदौर सराफा में बुधवार के बंद भाव
बुधवार के कारोबार में भी इंदौर सराफा में मजबूती दिखी थी। सोना केडबरी रवा 800 रुपये उछलकर 1,44,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि मंगलवार को यह 1,43,200 रुपये पर बंद हुआ था। सोना आरटीजीएस का भाव 1,42,150 रुपये प्रति 10 ग्राम (जीएसटी अतिरिक्त) और 22 कैरेट सोना 1,30,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। चांदी चौरसा 500 रुपये बढ़कर 1,97,500 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई, जो मंगलवार को 1,97,000 रुपये थी। चांदी आरटीजीएस 1,91,750 रुपये, चांदी टंच 1,98,100 रुपये प्रति किलो और चांदी का सिक्का 2,400 रुपये प्रति नग पर रहा।
रतलाम सराफा के भाव भी मजबूत
रतलाम सराफा में भी सोने-चांदी की चाल मजबूत रही। वहां सोना स्टैंडर्ड 1,46,500 से 1,46,450 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रहा, जबकि चांदी चौरसा 1,98,500 रुपये और चांदी टंच 1,98,600 रुपये प्रति किलो पर दर्ज की गई। इंदौर और रतलाम के भावों में मामूली अंतर स्थानीय मांग और आपूर्ति के कारण सामान्य माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी लौटने से बुधवार को कॉमेक्स पर सोना सुधरकर 4,045 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो दिन के कारोबार में 4,070 डॉलर तक पहुंचा था। चांदी का वायदा भाव 53.72 डॉलर प्रति औंस पर रहा। वैश्विक मजबूती का असर घरेलू सराफा पर भी दिखा और इंदौर में सोने-चांदी दोनों में बढ़त दर्ज हुई।
अगले तीन दिन क्यों अहम हैं
बुलियन बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने-चांदी के लिए आने वाले तीन दिन भारी उठापटक वाले साबित हो सकते हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों पर फैसला लिया जाना है, जिसके बाद गुरुवार को यूरोपीय सेंट्रल बैंक और शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति के नतीजे आएंगे। हालांकि ब्याज दरें स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन निवेशकों की निगाहें फेड चेयरमैन केविन वार्श के बयानों पर टिकी हैं। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर दिए बयानों से भी बाजार में सतर्कता बनी हुई है। ऐसे में खरीदारी से पहले भाव की ताजा जानकारी लेना समझदारी होगी, क्योंकि एक बयान भी कीमतों की दिशा बदल सकता है।

