Sleep After Drink Alcohol : अक्सर लोग शराब पीने के लिए बहाना ढूंढ़ लेते हैं। कोई जश्न मनाने के लिए पीता है, कोई अपनी उदासी भुलाने के लिए, कोई तनाव कम करने के लिए और कुछ लोग अच्छी नींद के लिए शराब का सहारा लेते हैं। Sleep After आपने अक्सर सुना होगा कि रात को अगर नींद नहीं आती तो दो-तीन गिलास शराब पीकर सो जाते हैं। लोगों का मानना है कि शराब जल्दी नींद दिलाती है और यह सोने का आसान तरीका है। लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो शराब के बाद जो नींद आती है, वह अच्छी नींद नहीं बल्कि एक तरह का नशे में धुत अवस्था होती है, जो शरीर और दिमाग दोनों के लिए हानिकारक है।
शराब पीने से नींद कैसी होती है?
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. कुणाल बेह्रानी ने बताया कि शराब पीने के पहले 1-2 घंटे में दिमाग के GABA रिसेप्टर्स सक्रिय हो जाते हैं, जिससे शरीर रिलैक्स महसूस करता है और ऐसा लगता है कि नींद अच्छी आ रही है। लेकिन असल में शराब नींद की गुणवत्ता को बहुत खराब कर देती है। रात के दूसरे हिस्से में शराब का असर कम होने लगता है और दिमाग अचानक ज्यादा सक्रिय हो जाता है, जिससे बार-बार नींद टूटती है। इस कारण REM स्लीप में 30-50% तक कमी आ जाती है। REM नींद वह स्टेज है जो याददाश्त, भावनात्मक स्वास्थ्य और दिमाग की रिकवरी के लिए बेहद जरूरी है।

शराब पीने के बाद सोना कितना खतरनाक है?
डॉ. बेह्रानी बताते हैं कि शराब से शरीर में डिहाइड्रेशन होता है, हार्ट रेट बढ़ता है, ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव आते हैं और सांस लेने की गति धीमी हो जाती है। इन सब कारणों से आपकी नींद और भी हल्की हो जाती है। लगातार शराब पर निर्भर होकर सोने से इंसोमनिया यानी अनिद्रा का खतरा बढ़ जाता है। फिर बिना शराब के नींद आने में दिक्कत होती है और नशे की आदत लग जाती है। जिन लोगों को स्लीप एप्निया की समस्या होती है, उनके लिए शराब और भी खतरनाक है क्योंकि यह उनकी एयरवे को और कमजोर कर देता है, जिससे सांस रुकने के एपिसोड बढ़ जाते हैं और हार्ट अटैक का जोखिम भी बढ़ सकता है।
बेहतर नींद के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों का मानना है Sleep After कि शराब नींद नहीं, बल्कि नशा कराती है, जो अच्छी नींद नहीं बल्कि नुकसानदेह होती है। अगर आप सोने से पहले रिलैक्स करना चाहते हैं तो कैफीन से बचें, सांस की एक्सरसाइज करें, स्क्रीन टाइम कम करें और अपनी नींद का नियमित रूटीन बनाएं। शराब पर निर्भर रहना शरीर के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

