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Saturday, April 18, 2026
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Africa : कांगो में फिर भड़की जंग: उवीरा पर धावा, ट्रंप की मध्यस्थता ढही और पूर्वी अफ्रीका में बढ़ता खतरा

Africa : पूर्वी कांगो में हिंसा एक बार फिर बढ़ गई है। थाईलैंड और कंबोडिया के बाद अब दो और देशों के बीच ट्रंप द्वारा कराए गए समझौते की भी विफलता सामने आ गई है। Africa रवांडा समर्थित एम 23 समूह ने दावा किया है कि उन्होंने कांगो के रणनीतिक शहर उवीरा पर कब्ज़ा कर लिया है। यह दावा अमेरिकी नेतृत्व वाले हालिया शांति प्रयासों के कुछ ही समय बाद आया।उवीरा क्यों है इतना महत्वपूर्ण

उवीरा कांगो का एक अहम बंदरगाह शहर है जो लेक टांगानयिका के उत्तरी छोर पर स्थित है। इसके ठीक सामने बुजुम्बुरा है जो बुरुंडी का सबसे बड़ा शहर है। पिछले हफ्ते अमेरिका की मध्यस्थता से कांगो और रवांडा के बीच एक समझौता हुआ था जिसमें एम 23 शामिल नहीं था। यह समूह अलग से बातचीत कर रहा था और पहले घोषित सीज़फायर का उल्लंघन दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे पर थोप दिया था।

100 से ज्यादा लोगों की मौत और शहर में अफरातफरी

उवीरा के स्थानीय लोगों का कहना है कि हमला बेहद भयावह था। कई जगह गोलीबारी हुई और कांगो की सेना के सैनिक शहर छोड़कर भागते दिखे। दक्षिण किवू प्रांत के गवर्नर के भागने की अफवाहें भी फैल गईं जिन्हें बाद में खारिज किया गया। कांगो के सूचना मंत्री पैट्रिक मुयाया ने कहा कि हमले में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि उन्होंने शहर के एम 23 के कब्ज़े की पुष्टि नहीं की।

कांगो में फिर भड़की जंग: उवीरा पर धावा, ट्रंप की मध्यस्थता ढही और पूर्वी अफ्रीका में बढ़ता खतरा

रवांडा पर आरोप और 4 हजार से ज्यादा सैनिकों की तैनाती

कांगो, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र का आरोप है कि रवांडा एम 23 को समर्थन देता है। 2021 में इसके कुछ सौ लड़ाके थे लेकिन अब संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक करीब 6500 लड़ाके सक्रिय हैं। रिपोर्ट यह भी कहती हैं कि रवांडा के 4000 से ज्यादा सैनिक कांगो में मौजूद हैं। हालांकि रवांडा समर्थन से इनकार करता है लेकिन पिछले साल उसने स्वीकार किया था कि उसने अपनी सुरक्षा के लिए कांगो में मिसाइल सिस्टम और सैनिक तैनात किए थे।

एम 23 कौन है और क्यों बना इतना बड़ा खतरा

एम 23 एक खतरनाक विद्रोही संगठन है जो रवांडा समर्थित माना जाता है। पूर्वी कांगो में खनिज संपदा के लिए 100 से अधिक सशस्त्र समूह लड़ रहे हैं और एम 23 उनमें सबसे ताकतवर माना जाता है। इस संघर्ष ने दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक को जन्म दिया है। सात मिलियन से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। हाल के हमलों में 2 दिसंबर के बाद से 2 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए।

संघर्ष का पड़ोसी देशों पर भी खतरा

उवीरा से भागे कई लोग बुरुंडी में शरण ले रहे हैं। Africa बुरुंडी के शहर रूगोम्बो में गोले गिरने की खबरें आई हैं जिससे आशंका है कि यह संघर्ष सीमा पार फैल सकता है। इससे पहले इस साल एम 23 ने पूर्वी कांगो के दो प्रमुख शहर गोमा और बुकावू पर कब्ज़ा किया था जो संघर्ष को और खतरनाक

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