मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना के नियमों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। दीनदयाल स्वास्थ्य सुरक्षा परिषद की कमेटी की बैठक में कुल 65 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से असंबद्ध करने का फैसला लिया गया है। अब इन अस्पतालों में आयुष्मान हितग्राहियों को इलाज का लाभ नहीं मिलेगा। इस सूची में इंदौर के 20 बड़े अस्पताल भी शामिल हैं।


दो श्रेणियों में हुई कार्रवाई
जारी आदेश के अनुसार, कार्रवाई दो श्रेणियों में की गई है। पहली श्रेणी में वे पांच अस्पताल हैं, जिन्होंने पिछले छह महीनों से आयुष्मान हितग्राहियों को योजनांतर्गत उपचार का लाभ प्रदान नहीं किया था। दूसरी श्रेणी में 60 ऐसे अस्पताल शामिल हैं, जिन्होंने राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा निर्धारित NABH मान्यता की अनिवार्यता का अनुपालन नहीं किया। इन दोनों श्रेणियों के अस्पतालों को आयुष्मान योजना से असंबद्ध कर दिया गया है।
इंदौर के 20 अस्पताल भी सूची में
जारी सूची में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के अस्पताल शामिल हैं। इंदौर के सेवाकुंज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, चोइथराम नेत्रालय, पाथ हॉस्पिटल, लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल और गीताभवन सहित बीस बड़े अस्पताल इस सूची में शामिल हैं। इसका सीधा असर इंदौर के आयुष्मान कार्ड धारकों पर पड़ेगा, जो अब इन अस्पतालों में सस्ता इलाज नहीं करा पाएंगे।
छह माह से इलाज न देने वाले पांच अस्पताल
आयुष्मान हितग्राहियों को पिछले छह महीनों से उपचार का लाभ न देने वाले पांच अस्पतालों को आयुष्मान सूची से बाहर किया गया है। इनमें भोपाल का शाल्या जॉइंट केयर, ग्वालियर का मेट्रो न्यूरो हॉस्पिटल, नीमच का रामनिवास आयरन हॉस्पिटल, शाजापुर का श्री डीपी केयर हॉस्पिटल और टीकमगढ़ का न्यू सिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। इस कार्रवाई से आम लोगों को ही नुकसान हुआ है, क्योंकि अब वे इन अस्पतालों में सस्ता इलाज नहीं करा पाएंगे। सरकार का कहना है कि नियमों का पालन न करने वालों पर आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


