इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में कार पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद अब थाने के अंदर पहुंच गया है। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है।


कार पार्किंग से शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के मुताबिक, जयदीप दुबे एरोड्रम थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वे अपने घर के सामने कार खड़ी कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार से आए बाइक सवार दो युवकों की टक्कर उनकी कार से हो गई। इसी बात को लेकर जयदीप और दोनों युवकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि बात बढ़ने पर दोनों युवकों ने जयदीप के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद जयदीप शिकायत दर्ज कराने एरोड्रम थाने पहुंचे।
थाने में शिकायत दर्ज करने में आनाकानी का आरोप
आरोप है कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने जयदीप की शिकायत दर्ज करने में टालमटोल की। जब जयदीप ने अपने साले को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, तो मामला और गंभीर हो गया, क्योंकि जयदीप के साले भाजपा में पदाधिकारी बताए जा रहे हैं। आरोप है कि जब भाजपा नेता थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी अभद्रता की और मारपीट तक कर दी।
विधायक के समर्थकों ने किया थाने का घेराव
इसके बाद भाजपा नेता ने पूरे मामले की जानकारी भाजपा विधायक गोलू शुक्ला को दी। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में विधायक के समर्थक थाने पहुंच गए और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए घेराव किया। मामला जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा, तो एडिशनल डीसीपी सुमित केरकेट्टा को जांच के लिए थाने भेजा गया।
सात पुलिसकर्मी लाइन अटैच
प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी, एक सब-इंस्पेक्टर और पांच अन्य पुलिसकर्मियों समेत कुल सात पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत लेकर थाने पहुंचे व्यक्ति की शिकायत दर्ज करने में कथित आनाकानी और भाजपा नेता के साथ अभद्रता व मारपीट के आरोपों ने मामले को तूल दे दिया है। फिलहाल, वरिष्ठ अधिकारियों की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी।


