भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार शैक्षणिक सत्र 2024-25 की फीस प्रतिपूर्ति के रूप में 502 करोड़ रुपये जारी करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 11 अक्टूबर को नरसिंहपुर में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के जरिए यह राशि प्रदेश के 20,456 अशासकीय स्कूलों के खातों में अंतरित करेंगे। इससे 8 लाख 19 हजार से अधिक विद्यार्थियों की नि:शुल्क शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होगा।


पहली से आठवीं तक नि:शुल्क शिक्षा का आधार
आरटीई कानून के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है। इन विद्यार्थियों की फीस की भरपाई सरकार संबंधित स्कूलों को करती है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2011 से अब तक 16 लाख 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों की फीस के लिए 3,600 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। राज्य में अब तक हजारों स्कूल इस योजना से जुड़ चुके हैं और हर साल लाखों बच्चों को निजी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है।
सांदीपनि विद्यालय के नए भवन का भी लोकार्पण
नरसिंहपुर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री 45 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय के नए भवन का लोकार्पण भी करेंगे। यह विद्यालय केजी-1 से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से लैस किया गया है। परिसर में डिजिटल क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, मल्टीपर्पज हॉल और ऑडिटोरियम बनाए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान और परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बेहतर शिक्षा से सर्वांगीण विकास का लक्ष्य
सरकार का कहना है कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण के जरिए विद्यार्थियों का बौद्धिक, शारीरिक और सर्वांगीण विकास करना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। विद्यालय की छात्रा माही साहू ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 12वीं की मेरिट सूची में स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया था। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के साथ जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी और अभिभावक भी मौजूद रहेंगे। इस राशि के ट्रांसफर से निजी स्कूलों को लंबे समय से लंबित फीस प्रतिपूर्ति मिलने की उम्मीद है, जिससे वे नि:शुल्क शिक्षा देने में और उत्साह से भागीदारी निभा सकेंगे।


