दिवाली से पहले मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने सफाई कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सफाई कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी और नियमितीकरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के बाद सफाई कर्मचारियों को हर महीने 20,000 रुपये तक वेतन मिल सकेगा। फैसले के साथ ही कर्मचारियों ने अपनी चार मांगों को लेकर चल रही तीन दिन की हड़ताल भी खत्म कर दी है। तीन दिन से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था अब पटरी पर लौट रही है।

10,500 से बढ़कर 20 हजार रुपये तक वेतन
सरकार ने 25 दिन काम करने वाले सफाई कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने का ऐलान किया है। अभी तक इन्हें 10,500 रुपये वेतन मिलता था, जिसे बढ़ाकर 20,000 रुपये तक किया जा रहा है। वहीं, 25 दिवसीय कर्मचारियों को नियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। नियमित होने के बाद उनका वेतन 18 से 20 हजार रुपये तक हो सकता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 29 दिवसीय और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया भी अगले एक महीने में शुरू करने का आश्वासन दिया है।
तीन दिन की हड़ताल के बाद बनी सहमति
मध्य प्रदेश के सफाईकर्मी 10,500 रुपये वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने और पक्की नौकरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिन से हड़ताल कर रहे थे। हड़ताल खत्म होने के बाद शुक्रवार को सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।
हड़ताल से भोपाल में 2,550 टन कचरा जमा
हड़ताल का प्रभाव भोपाल की सड़कों पर साफ देखने को मिला। राजधानी की सड़कों पर 2,550 टन कचरा जमा हो गया था। सफाईकर्मियों ने शुक्रवार को टैंकरों से पानी की सप्लाई भी बंद कर दी थी। हड़ताल में नगर निगम के करीब 6 हजार अन्य कर्मचारी भी शामिल हुए थे। हड़ताल के कारण भोपाल सहित राज्य के कई शहरों में पिछले दो दिन से घरों और कचरा संग्रहण केंद्रों से कचरा उठाने का काम प्रभावित था। दीपावली के मद्देनजर विभिन्न बाजारों में व्यापारियों ने निजी कर्मचारियों को बुलाकर सफाई कराई।
भोपाल में प्रतिदिन करीब 850 टन कचरा निकलता है। राजधानी में घर-घर से कचरा एकत्र करने के लिए 400 से अधिक वाहन तैनात हैं। शहर के 17 कचरा संग्रहण केंद्रों पर कचरा एकत्र किया जाता है, जहां से इसे बड़े टैंकरों के जरिए आदमपुर छावनी स्थित कचरा निस्तारण केंद्र तक पहुंचाया जाता है। हड़ताल के कारण घरों से कचरा उठाने के साथ ही उसे निस्तारण केंद्रों तक पहुंचाने का काम भी प्रभावित हुआ था, जो अब बहाल हो गया है।

