भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में रिकवरी जारी रही। सेंसेक्स 413.66 अंक चढ़कर 74,729.27 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 148.80 अंक की बढ़त के साथ 23,146.15 पर पहुंच गया। बाजार में तेजी की अगुवाई आईटी शेयरों ने की, जिनमें कंपनियों के तिमाही नतीजों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

सेंसेक्स और निफ्टी के क्लोजिंग आंकड़े
सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 74,315.61 के स्तर से 413.66 अंक यानी 0.56 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 463.17 अंक तक चढ़कर 74,778.78 के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंचा था। वहीं, निफ्टी पिछले बंद स्तर 22,997.35 के मुकाबले 148.80 अंक यानी 0.65 प्रतिशत चढ़कर 23,146.15 पर पहुंच गया। पूरे हफ्ते की बात करें तो सेंसेक्स में 3.11 प्रतिशत और निफ्टी में 2.77 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। बाजार के ज्यादातर प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, हालांकि कई सेक्टरों में कमजोरी के कारण बाजार की कुल तेजी सीमित रही।
आईटी इंडेक्स में करीब 4 प्रतिशत की तेजी
सेक्टर के लिहाज से निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाला इंडेक्स रहा। इसमें 3.92 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि सीमेंट और मीडिया सेक्टर भी बढ़त के साथ बंद हुए। आईटी शेयरों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूती देखने को मिली। पूरे हफ्ते में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 11.7 प्रतिशत उछला, जो 2008 के बाद का इसका दूसरा सबसे अच्छा साप्ताहिक प्रदर्शन माना जा रहा है। इसके उलट, ज्यादातर अन्य सेक्टरों के सूचकांक लाल निशान में रहे। एफएमसीजी, रियल्टी और एनर्जी सेक्टर के कुछ प्रमुख शेयरों में कमजोरी ने बाजार की तेजी पर दबाव डाला।
टेक महिंद्रा और टीसीएस समेत कई शेयरों में तेजी
बीएसई पर टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस, भारती एयरटेल, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, एचसीएल टेक, मारुति, टाइटन, पावर ग्रिड और ट्रेंट प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। टेक महिंद्रा का शेयर 8.45 प्रतिशत उछला, क्योंकि कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 32.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,585.6 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। दूसरी ओर, इंडिगो, रिलायंस, आईटीसी, कोटक बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, बीईएल, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई और अडानी पोर्ट्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एनएसई पर भी टेक महिंद्रा, टीसीएस, इंफोसिस, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, एमएंडएम, बजाज फाइनेंस, हिंडाल्को, जेएसडब्ल्यू स्टील, ग्रासिम, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी लाइफ बढ़त के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप सुस्त, घरेलू निवेशकों का सहारा
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा के मुताबिक, बाजार की शुरुआत सपाट रही, लेकिन बाद में प्रमुख शेयरों, खासकर टेक्नोलॉजी कंपनियों में खरीदारी बढ़ने से तेजी आई। इसके बाद बाजार सीमित दायरे में कारोबार करता रहा, लेकिन अपनी ज्यादातर बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुए, जो प्रमुख शेयरों में मजबूती को दर्शाता है। हालांकि, व्यापक बाजार में लगातार दूसरे सत्र में सुस्ती रही और मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांक लगभग सपाट बंद हुए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार के लिए चिंता बनी हुई है। बीते सात कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब ₹10,157 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इसी अवधि में करीब ₹11,474 करोड़ की नेट खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सहारा देने में अहम भूमिका निभाई।
कच्चे तेल और महंगाई की चिंताओं पर निवेशकों की नजर
मिश्रा ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती से घरेलू बाजार को कुछ राहत मिली। रुपया 0.1 प्रतिशत मजबूत होकर 94.96 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछला बंद स्तर 95.05 था। हालांकि, ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। इसके अलावा, महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को लेकर चिंताएं निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत दे रही हैं। मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, आगे बाजार की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियों की कमाई उनके वैल्यूएशन को कितना सही ठहराती है। मजबूत आय वृद्धि, बेहतर कैश फ्लो, नियंत्रित कर्ज और ऑपरेटिंग मार्जिन में सुधार लंबी अवधि के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे। बाजार की अगली चाल पर प्रमुख बैंकिंग कंपनियों के तिमाही नतीजों का भी असर देखने को मिल सकता है। यह खबर केवल जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं।

