नागपुर के वीसीए जामठा स्टेडियम में खेले गए रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए मुकाबले में विदर्भ ने मध्य प्रदेश को तीसरे दिन ही पारी और 20 रन से करारी शिकस्त दे दी। बुधवार, 4 नवंबर
को मैच का तीसरा दिन था और विदर्भ के स्पिनरों ने सुबह के सत्र में ही मेहमान टीम की दूसरी पारी को समेट दिया। इस जीत के साथ विदर्भ को बोनस अंक भी मिला। विदर्भ के बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे इस मैच के हीरो रहे, जिन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर कुल 14 विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार अपने नाम किया।
## तीसरे दिन सुबह ही ढह गई मध्य प्रदेश की दूसरी पारी
मध्य प्रदेश ने तीसरे दिन की शुरुआत एक विकेट पर 19 रन से की थी, लेकिन सुबह का सत्र उसके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। हर्ष दुबे ने आते ही सक्षम पुरोहित को पगबाधा आउट किया, जिन्होंने 34 रन बनाए थे। इसके बाद अथर्व महाजन भी स्वीप खेलने के चक्कर में पगबाधा हो गए और 18 रन बनाकर लौट गए। शुभम शर्मा ने 20 रन का योगदान दिया, लेकिन वह भी हर्ष की गेंद पर कैच थमा बैठे। कप्तान रजत पाटीदार तो खाता भी नहीं खोल सके और हर्ष की शानदार गेंद पर बोल्ड हो गए। एक समय तो ऐसा आया जब मध्य प्रदेश ने महज सात गेंदों के भीतर बिना कोई रन जोड़े चार विकेट गंवा दिए। सारांश जैन 2 रन बनाकर पार्थ रेखड़े की गेंद पर पगबाधा हुए, जबकि अरशद खान ने रेखड़े को ही कैच थमा दिया। पूरी टीम दूसरी पारी में सिर्फ 33.3 ओवर में 105 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। चंचल राठौड़ 10 रन बनाकर आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए।
## पहली पारी में भी हर्ष दुबे का कहर
इस मैच में हर्ष दुबे का जलवा पहले दिन से ही देखने को मिला था। मध्य प्रदेश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था, लेकिन हर्ष की फिरकी के आगे उसकी पूरी टीम 66.1 ओवर में 209 रन पर सिमट गई थी। हर्ष ने 23.1 ओवर में सिर्फ 53 रन देकर 9 विकेट झटके थे। मध्य प्रदेश की ओर से अथर्व महाजन ने सबसे ज्यादा 85 रन बनाए थे। उन्होंने 123 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में पांच चौके व तीन छक्के लगाए। सारांश जैन ने 34 रन का योगदान दिया, जबकि आवेश खान 13 रन बनाकर नाबाद रहे थे। जवाब में विदर्भ ने अपनी पहली पारी में 334 रन बनाए और 125 रन की बढ़त हासिल की, जो आखिर में निर्णायक साबित हुई।
## हर्ष दुबे के नाम कई रिकॉर्ड
हर्ष दुबे के लिए यह मैच करियर का सबसे यादगार मैच बन गया। उन्होंने मैच में कुल 14 विकेट लेकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पहली पारी में 9 विकेट और दूसरी पारी में 5 विकेट के साथ उनके मैच के आंकड़े 14 विकेट पर 90 रन रहे। वह विदर्भ के लिए रणजी ट्रॉफी की एक पारी में 9 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी बन गए हैं। इस प्रदर्शन के दम पर हर्ष रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उन्होंने पहले चार दौर में 11.64 की औसत से 28 विकेट अपने नाम कर लिए हैं। खास बात यह है कि हर्ष ने इस मैच में कप्तान अक्षय वाडकर की गैरमौजूदगी में टीम की अगुवाई भी की थी।
## मध्य प्रदेश के लिए चिंता की बात
मध्य प्रदेश के लिए यह हार कई सवाल खड़े करती है। कप्तान रजत पाटीदार दोनों पारियों में पूरी तरह नाकाम रहे और उनके बल्ले से महज 2 और 0 रन निकले। टीम की बल्लेबाजी दोनों पारियों में स्पिन के आगे बेबस नजर आई। पहली पारी में 209 और दूसरी पारी में 105 रन का स्कोर इस बात का सबूत है कि बल्लेबाजों को पिच और विदर्भ के स्पिनरों को समझने में भारी मुश्किल हुई। विदर्भ को इस जीत से बोनस अंक मिला है, जिससे ग्रुप ए में उसकी स्थिति और मजबूत हुई है। मध्य प्रदेश को अब अगले मुकाबले में वापसी के लिए अपनी बल्लेबाजी में बड़ा सुधार करना होगा।

