कर्नाटक के हुब्बल्ली में एक महिला पार्टी कार्यकर्ता के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई बर्बरता का राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है। यह मामला एक वीडियो के कारण सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस अधिकारियों द्वारा महिला की पिटाई और उसके कपड़े फाड़े जाने का आरोप है। NCW की अध्यक्ष विजय राहटकर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि यदि ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह महिला की गरिमा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लैंगिक हिंसा से सुरक्षा के अधिकार का गंभीर उल्लंघन होगा।
NCW ने कर्नाटक के DGP को लिखा पत्र
इस गंभीर मामले पर NCW ने कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। आयोग ने कहा है कि अगर FIR दर्ज नहीं की गई है तो तत्काल की जाए। मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए जिसमें वायरल वीडियो का भी अध्ययन किया जाए। यदि पुलिस कर्मी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही पीड़िता को उचित चिकित्सा सहायता, मानसिक सहयोग, पुनर्वास और कानूनी मुआवजा दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। आयोग ने 5 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है।
The National Commission for Women has taken suo motu cognizance of a disturbing viral video from Hubballi, Karnataka, showing a female party worker allegedly being assaulted and her clothes torn during arrest by police personnel. Hon’ble Chairperson, Smt Vijaya Rahatkar has… pic.twitter.com/mipQjWydnz
— NCW (@NCWIndia) January 8, 2026
पूरा मामला क्या है?
यह घटना हुब्बल्ली के केशवपुर पुलिस थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां एक महिला बीजेपी कार्यकर्ता के साथ पुलिस कर्मियों द्वारा कथित रूप से मारपीट की गई और उसे निर्वस्त्र किया गया। इस मामले में कांग्रेस के एक नगरपालिका कॉर्पोरेटर द्वारा शिकायत दर्ज कराने की बात सामने आई है, जिससे बीजेपी कार्यकर्ताओं में गुस्सा व्याप्त हो गया है। घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला को कांग्रेस कॉर्पोरेटर सवर्णा कल्लाकुंटला की शिकायत के बाद हिरासत में लिया गया था।
महिला ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महिला कार्यकर्ता ने पहले कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया था, लेकिन हाल ही में बीजेपी में शामिल हुई है। विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब आरोप लगे कि महिला ने अधिकारियों की मदद से कुछ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाए थे, जिससे कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और झड़पें हुईं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि महिला के खिलाफ कुछ आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। इस बीच, पुलिस कमिश्नर केशवपुर थाने पर पहुंचकर मामले की पूरी जांच कर रहे हैं। इस घटना ने क्षेत्र में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रही हैं।

