भोपाल के ऐशबाग इलाके में बने मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के 600 ईडब्ल्यूएस जनता क्वार्टर अब ध्वस्त होने जा रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड संभाग क्रमांक-तीन ने सभी रहवासियों को 13 नवंबर तक आवास खाली करने और सामान हटाने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। तय समय पूरा होते ही 14 नवंबर को भारी पुलिस बल और नगर निगम के अमले की मौजूदगी में इन जर्जर मकानों को जमींदोज कर दिया जाएगा। इस कार्रवाई की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और इलाके में रहने वाले परिवारों के सामने अब मकान खाली करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
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## 600 में सिर्फ 110 वैध, 490 पर अवैध कब्जा
कार्रवाई से पहले हुए सर्वे और रिकॉर्ड की जांच ने प्रशासनिक अमले को भी चौंका दिया है। जांच में सामने आया है कि इन 600 मकानों में से महज 110 ही वैध मूल आवंटी हैं, जबकि शेष करीब 490 आवासों पर अनधिकृत लोगों का कब्जा है। हाउसिंग बोर्ड ने साफ कर दिया है कि केवल सहमति पत्र जमा करने वाले वैध आवंटियों को ही कलेक्टर दर पर मासिक किराया और पुनर्वास का लाभ मिलेगा। अवैध कब्जेदारों को कोई राहत या मुआवजा नहीं दिया जाएगा। यह फैसला उन परिवारों के लिए झटका है, जो बरसों से इन क्वार्टरों में रह रहे हैं, लेकिन जिनके पास वैध आवंटन के कागज नहीं हैं।
## 2016 से खतरनाक घोषित, 2022 में विरोध के कारण लौटा था अमला
इन भवनों की कहानी लंबी है। नगर निगम ने मई 2016 में ही इन भवनों को खतरनाक घोषित कर दिया था, जिसके बाद 2018 में भी नोटिस जारी हुए थे। इसके बाद 30 अगस्त 2022 को जिला प्रशासन का अमला जनता क्वार्टर तोड़ने पहुंचा था, लेकिन स्थानीय रहवासियों के विरोध के कारण उसे वापस लौटना पड़ा था। उस दौरान आवासों में रहने वाले लोग बुलडोजर के सामने आकर बैठ गए थे और उनकी मांग थी कि पहले रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही मकान तोड़े जाएं। इसी विरोध के बाद बोर्ड ने दोबारा सर्वे कराया और वास्तविक आवंटियों की सूची तैयार की, जिसके आधार पर अब अंतिम कार्रवाई की जा रही है।
## पुनर्विकास में 20 फीसदी बड़ा फ्लैट और मासिक किराया
मध्य प्रदेश पुनर्विकास नीति-2022 के तहत इस प्राइम लोकेशन पर बहुमंजिला आवासीय परिसर बनाया जाएगा। योजना के अनुसार, सभी पात्र आवंटियों को वर्तमान आवास से 20 फीसदी बड़ा आधुनिक फ्लैट मिलेगा। निर्माण कार्य चलने तक वैध आवंटियों के बैंक खातों में कलेक्टर दर से तय मासिक किराया भेजा जाएगा, ताकि उन्हें किराए के मकान में रहने में दिक्कत न हो। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि 13 नवंबर के बाद क्षेत्र में निवास और सामान रखने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और 14 नवंबर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हर हाल में की जाएगी। इलाके के रहवासियों और प्रशासन के बीच अब सबकी नजर 13 नवंबर की समय-सीमा पर टिकी है।

