इंदौर के शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्राओं के भविष्य को लेकर एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की ओर से Gen-Z करियर संवाद कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें छात्राओं को बदलते जमाने के करियर अवसरों, नई तकनीक और रोजगार की संभावनाओं से रूबरू कराया गया। कार्यक्रम का मकसद सिर्फ जानकारी देना नहीं था, बल्कि छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना भी था। प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव के संरक्षण और प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी.पी. बैरागी के मार्गदर्शन में यह कार्यशाला संपन्न हुई।
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## अपनी पहचान बनाना ही असली सफलता
कार्यशाला में प्राचार्य डॉ. बी.डी. श्रीवास्तव ने छात्राओं से कहा कि हर इंसान के भीतर कोई न कोई खास प्रतिभा छिपी होती है। दूसरों की नकल करके या किसी और जैसा बनने की कोशिश करके कोई आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में अपनी मौलिक पहचान बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उनका संदेश साफ था — छात्राएं अपनी प्रतिभा को पहचानें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी अलग पहचान स्थापित करें। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का रूप माना गया है, इसलिए छात्राओं को अपनी भीतरी शक्ति को पहचानने का आह्वान भी किया गया।
## AI से डरें नहीं, उसे सीखें
कार्यशाला के मुख्य अतिथि जयंतीलाल भंडारी ने नई पीढ़ी के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी को Gen-Z कहा जाता है। आज पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में युवाओं को तकनीक से घबराने के बजाय उसे सीखना और समझना चाहिए। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुमानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक दुनिया में करीब 19 करोड़ नए डिजिटल रोजगार पैदा होने की संभावना है। भारत आज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और डिजिटल तकनीक का दायरा समाज के हर वर्ग तक फैल रहा है, इसलिए छात्राओं के लिए भी अवसरों की कमी नहीं रहेगी।
## 24 छात्राओं को मिली छात्रवृत्ति
कार्यक्रम का एक भावुक और प्रेरक पक्ष छात्रवृत्ति वितरण रहा। विशाल भगत चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को छात्रवृत्ति दी गई। मुख्य अतिथि प्रकाश भगत ने छात्राओं को जीवन में निरंतर मेहनत करने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। इस मौके पर 24 छात्राओं को कुल 2,28,890 रुपये की छात्रवृत्ति राशि सौंपी गई। इसके साथ ही लघु उद्योग भारती के साथ हुए समझौते के तहत मुख्य अतिथि राजेन्द्र सुखेजा ने छात्राओं को प्रोत्साहन प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए तथा उद्यमिता और स्वरोजगार की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मनीषा जोशी, जिला नोडल एवं संयोजक डॉ. सीमा तिवारी और टीपीओ एवं सह-संयोजक प्रो. रितु माथुरिया की अहम भूमिका रही। आयोजन समिति की सदस्य डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. प्रियंका जैन और डॉ. साधना मंडलोई के साथ महाविद्यालय की बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। तकनीकी सहयोग अभिषेक पालीवाल ने दिया, संचालन प्रो. निधि गुप्ता ने किया और आभार प्रो. सीमा तिवारी ने व्यक्त किया।

