back to top
Sunday, October 18, 2026
Homeदेशकैंसर की 137 दवाएं 70% तक सस्ती, 9 नवंबर से नई कीमतें

कैंसर की 137 दवाएं 70% तक सस्ती, 9 नवंबर से नई कीमतें

कैंसर के इलाज से जूझ रहे लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। देश में 137 कैंसर रोधी दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कटौती होने जा रही है। नई कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी। दवा कीमत नियामक राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने शनिवार को इन दवाओं को अधिसूचित कर दिया है।

ट्रेड मार्जिन पर लगी लगाम

कीमतों में इस बड़ी कटौती की वजह ट्रेड मार्जिन पर लगाई गई सीमा है। सरकार ने दवाओं के ट्रेड मार्जिन को एमआरपी के 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है। यह सीमा जीएसटी को छोड़कर लागू होगी। एनपीपीए के अनुसार, यह व्यवस्था डिस्ट्रीब्यूटर को मिलने वाली कीमत पर करीब 42.9 प्रतिशत के मार्जिन के बराबर है।

दरअसल, कई कैंसर दवाओं में रिटेलर तक पहुंचने वाली कीमत और एमआरपी के बीच भारी अंतर था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस अंतर पर चिंता जताई थी। कुछ मामलों में यह अंतर दस गुना तक पाया गया था। इसी के बाद नियामक ने कदम उठाया।

पेटेंट वाली दवाएं भी दायरे में

इस बार की कार्रवाई की सबसे अहम बात यह है कि पेटेंट वाली दवाओं को भी इसके दायरे में लाया गया है। जिन दवाओं की कीमतों में कटौती होगी, उनमें पर्टुजुमैब प्लस ट्रैस्टुजुमैब, एटेजोलिजुमैब, टेक्लिस्टैमैब, इनोटुजुमैब ओजोगैमिसिन और डाराटुमुमैब जैसी दवाएं शामिल हैं। इनमें से कुछ दवाओं की एक वायल या पैक की कीमत पांच लाख रुपये तक है।

एनपीपीए ने यह फैसला औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ) 2013 के पैराग्राफ 19 के तहत लिया है। नई एमआरपी की गणना के लिए मार्च 2026 को संदर्भ माह बनाया गया है।

कंपनियों के लिए नए निर्देश

सभी दवा कंपनियों को गजट अधिसूचना के प्रकाशन के सात दिन के भीतर एनपीपीए को अपनी संशोधित कीमतों की जानकारी देनी होगी। कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर नई मूल्य सूची दिखानी होगी और खुदरा विक्रेताओं व अस्पतालों तक इसे पहुंचाना होगा। अस्पतालों को भी अपनी वेबसाइट पर संशोधित कीमतें प्रमुखता से दिखानी होंगी।

चूंकि कैंसर की दवाओं की बड़ी आपूर्ति सीधे अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों को होती है, इसलिए उन्हें लागू होने की तारीख से ही नई कीमतें सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य दवा नियंत्रक निर्माताओं, विक्रेताओं, अस्पतालों और संस्थानों से अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।

दवाओं की उपलब्धता बनी रहेगी

एनपीपीए ने यह भी साफ किया है कि इन दवाओं की निर्बाध उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। कोई भी निर्माता बिना अनुमति के मासिक उत्पादन घटा नहीं सकेगा। मरीज नई कीमतों की जांच फार्मा सही दाम ऐप और एनपीपीए की वेबसाइट पर कर सकेंगे।

बता दें कि साल 2019 में भी कैंसर की 526 ब्रांड की दवाओं की एमआरपी में 90 प्रतिशत तक की कटौती की गई थी। इस बार की कार्रवाई स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के तहत विशेषज्ञ समिति की सिफारिश पर की गई है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments