धनतेरस के मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को मुरैना के ग्राम करुआ पहुंचकर ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार देने के अभियान में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत यहां पात्र हितग्राहियों की संपत्तियों के स्वामित्व दस्तावेजों का पंजीयन कराया जाएगा। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद रहेंगे। धनतेरस के अवसर पर प्रदेशभर के चयनित गांवों में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें मंत्री, सांसद और विधायक की मौजूदगी में पात्र ग्रामीण परिवारों की संपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कराने का लक्ष्य रखा गया है।

## मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना क्या है
सरकार का जोर उन परिवारों को स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराने पर है, जिनके मकान और संपत्तियां गांवों की आबादी भूमि में स्थित हैं। योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित मकानों और अन्य संपत्तियों का सर्वेक्षण कर पात्र परिवारों को अधिकार अभिलेख और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज दिए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर कानूनी अधिकार मिलेगा। साथ ही वे इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण लेने और दूसरी वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए भी पात्र हो सकेंगे। लंबे समय से ग्रामीण परिवारों के पास अपनी आबादी भूमि की संपत्ति का कोई पक्का कानूनी कागज नहीं था, जिस कारण उन्हें बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आती थी।
## 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य
स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में अब तक 17 लाख 9 हजार से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। राज्य सरकार ने 15 नवंबर तक यह आंकड़ा 20 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पंजीयन प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। धनतेरस जैसे शुभ अवसर पर चलाए जा रहे इस अभियान से बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को एक साथ स्वामित्व दस्तावेज मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि शत-प्रतिशत पंजीयन का लक्ष्य पूरा होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति विवादों में भी कमी आएगी और परिवारों को अपनी संपत्ति पर स्पष्ट कानूनी अधिकार मिल सकेगा। मुख्यमंत्री का मुरैना दौरा इस अभियान को गति देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

