मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सड़क पर उतरी पुलिस टीम पर तस्करों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में खातेगांव के थाना प्रभारी दिलीप पुरी की जान चली गई। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर है, वहीं तस्करों के हौसले को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी चालक को पकड़ लिया गया है।
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खातेगांव-नेमावर रोड पर चेकिंग के दौरान हादसा
यह घटना देवास जिले के खातेगांव-नेमावर रोड की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। रात के समय ट्रकों की जांच की जा रही है, ताकि अवैध शराब का परिवहन रोका जा सके। नेमावर रोड पर भी पुलिस ने एक जांच चौकी लगाई थी, जहां थाना प्रभारी दिलीप पुरी अपने साथियों के साथ ड्यूटी पर थे। इसी दौरान एक मिनी ट्रक वहां से गुजरा, जिसे रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने की जगह उसे सीधे थाना प्रभारी की ओर बढ़ा दिया। ट्रक उनके सिर और छाती के हिस्से को रौंदता हुआ आगे निकल गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए और सीपीआर देकर बचाने की कोशिश भी की, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका।
वाहन छोड़कर भागा चालक, बाद में हिरासत में
घटना के बाद चालक ने ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर दूसरी ओर ले जाने की कोशिश की। पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन वह संदलपुर में वाहन छोड़कर भाग गया। बाद में पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया और चालक को हिरासत में ले लिया है। दबिश में शामिल अधिकारियों के अनुसार, इस शराब तस्करी नेटवर्क में हरदा के राहुल जायसवाल का नाम सामने आया है और देवास के कुछ तस्कर भी इस नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
जहरीली शराब कांड से जुड़ा है मामला
देवास का यह मामला अकेला नहीं है। इससे पहले जिले के चंदाना और बिजाना गांवों में 6 से 11 अक्टूबर के बीच जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने इंदौर से रसायन खरीदकर नकली शराब तैयार की थी और उसे लाइसेंसी शराब की बोतलों में मिलाकर बेचा जा रहा था। इस मामले में मुख्य आरोपी अजय राठौर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह भी पता चला था कि नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला रसायन इंदौर के महावीर मार्केट स्थित लोहामंडी के गोदाम से मंगाया गया था। इसके बाद आबकारी विभाग ने देवास की जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, कन्नौद-खातेगांव मंडल के सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश कुमार पवार और देवास में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक राजश्री खन्ना को निलंबित कर दिया था। साथ ही देवास के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी हटाया गया था। अब थाना प्रभारी की मौत ने अवैध शराब के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और गंभीर मोड़ दे दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ट्रक में क्या लदा था और यह नेटवर्क कितना बड़ा है।

