इंदौर-दाहोद रेल परियोजना का काम अब ट्रायल के निर्णायक चरण में पहुंच गया है। पीथमपुर-धार रेलखंड पर ट्रैक का निरीक्षण दूसरे दिन शनिवार को भी सफलतापूर्वक पूरा हो गया। अधिकारियों के दल ने पीथमपुर से गुनावद तक ट्रॉली के माध्यम से रेलपथ का निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैक की स्थिति, तकनीकी कमियों और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की बारीकी से जांच की गई।

ट्रॉली निरीक्षण में क्या-क्या परखा गया
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ट्रैक की मजबूती, उसकी बनावट और सुरक्षा मानकों का आकलन किया। रेलखंड को ट्रायल के लिए तैयार करने का काम व्यापक स्तर पर चल रहा है। एक ओर इंजन के माध्यम से ट्रैक की स्थिति का परीक्षण किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पैकिंग मशीन भी इसी रेलखंड पर काम कर रही है। ट्रॉली निरीक्षण का मकसद यह पक्का करना है कि जब इंजन ट्रायल हो, तो ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित और तैयार हो।
2 और 3 नवंबर को इंजन ट्रायल की संभावना
रिपोर्ट के अनुसार अब इस रेलखंड पर 2 नवंबर को सामान्य इंजन और 3 नवंबर को हाई-स्पीड इंजन से ट्रायल होने की संभावना जताई जा रही है। यानी गति परीक्षण के लिए अभी दो दिन का इंतजार करना पड़ सकता है। नए ट्रैक पर ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है। अगर ट्रायल सफल रहे, तो यह परियोजना अपने उद्घाटन की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा लेगी।
रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण 5-6 नवंबर को प्रस्तावित है। यह निरीक्षण ट्रायल के बाद की सबसे अहम औपचारिकता होगी, जिसके बाद ही इस खंड पर यात्री सेवाओं की राह साफ हो सकेगी।
पटरी पर खेलते बच्चे बने चिंता का विषय
निरीक्षण के दौरान एक गंभीर पहलू भी सामने आया है। रेलवे की ओर से लगातार चेतावनी देने और उद्घोषणा करने के बावजूद कुछ स्थानों पर बच्चे पटरी पर खेलते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, लोग भी इधर-उधर से रेलपथ पार करते नजर आ रहे हैं। यह स्थिति दुर्घटना की आशंका को बढ़ा सकती है।
रेलवे के अनुसार 30 अक्टूबर से ही इस क्षेत्र में पटरी पर रेल इंजन की आवाजाही शुरू हो चुकी है। ऐसे में रेलपथ पर खेलना या बिना सावधानी के पटरी पार करना जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय लोगों को यह समझना होगा कि ट्रैक पर परीक्षण के दौरान भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्थानीय प्रशासन से भी अपेक्षा
रेलवे प्रशासन अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए उद्घोषणा सहित अन्य प्रयास कर रहा है। हालांकि इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन को भी इस दिशा में ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि ट्रायल के दिनों में कोई अप्रिय घटना न हो। पीथमपुर-धार खंड के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह चेतावनी खास तौर पर अहम है, क्योंकि आने वाले दिनों में इस ट्रैक पर इंजन की आवाजाही और बढ़ने वाली है।

