back to top
Sunday, November 1, 2026
Homeव्यापारमालवा-निमाड़ में उद्योग क्रांति: रतलाम में 50 हजार करोड़ निवेश

मालवा-निमाड़ में उद्योग क्रांति: रतलाम में 50 हजार करोड़ निवेश

मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर मालवा-निमाड़ अंचल की विकास तस्वीर तेजी से बदलती दिख रही है। कभी खेती-किसानी और पारंपरिक कारोबार के लिए पहचाना जाने वाला यह क्षेत्र अब उद्योग, कनेक्टिविटी, सिंचाई और ऊर्जा के मोर्चे पर एक साथ आगे बढ़ रहा है। रतलाम में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल बन रहे हैं।

रतलाम: उद्योगों की नई राजधानी बनने की तैयारी

रतलाम जिले में आगामी तीन वर्षों में 40 से 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। जिले की सबसे बड़ी उपलब्धि मेगा इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में सामने आई है, जहां चार औद्योगिक इकाइयों का काम शुरू हो चुका है। जापान की एक कंपनी ने सोलर पैनल का निर्माण भी शुरू कर दिया है और अब दूसरा संयंत्र लगाने की तैयारी कर रही है। आने वाले वर्षों में इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा विस्तार मिलने की उम्मीद है।

मंदसौर: 4 हजार करोड़ के तीन औद्योगिक पार्क

मंदसौर में लगभग चार हजार करोड़ रुपये की लागत से तीन बड़े औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना भी तैयार है। जिला मुख्यालय को प्रमुख शहरों से जोड़ने वाले मार्गों के फोरलेन होने और नीमच-रतलाम रेलमार्ग के दोहरीकरण से परिवहन सुविधाओं को मजबूती मिली है, जिससे उद्योग और व्यापार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

खरगोन-खंडवा: रेल, सड़क और ऊर्जा का विस्तार

खरगोन की अर्थव्यवस्था का आधार भले ही कृषि हो, लेकिन परिवहन और पर्यटन में बड़े बदलाव हो रहे हैं। लंबे समय से प्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ रेलमार्ग का काम शुरू हो चुका है और इंदौर-खंडवा रेल लाइन का आमान परिवर्तन भी तेजी से जारी है। खंडवा-वडोदरा और खलघाट-बुजुर्ग-सरवरदेवला राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 347-सी के उन्नयन से आवागमन सुगम होगा। धार्मिक पर्यटन के लिए जिला मुख्यालय पर 25 करोड़ रुपये की लागत से नवग्रह लोक बनाया जा रहा है, जिसके दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि महेश्वर में सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 110 करोड़ रुपये की लागत से अहिल्या लोक प्रस्तावित है। खंडवा में इंदौर-ऐदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोरगांव से धनगांव तक 58 किलोमीटर सड़क का निर्माण 1,158 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। ओंकारेश्वर बांध के बैकवाटर में फ्लोटिंग सोलर प्लांट से लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

धार-झाबुआ-बड़वानी: खेतों तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी

धार और झाबुआ जिलों के लिए नर्मदा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव का आधार बनेगी। 2,387.60 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का 24 अक्टूबर को लोकार्पण किया गया। इससे 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और लगभग 72 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। झाबुआ जिले के 194 गांवों में 32 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त खेड़ा गलती बैराज और मोकमपुरा तालाब योजना से भी सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि को पानी उपलब्ध कराने की तैयारी है। जिले में 35 करोड़ रुपये की लागत से छह सांदीपनि विद्यालय भी बनाए जाएंगे। बड़वानी के दूरस्थ पहाड़ी और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में निवाली, पानसेमल और सेंधवा में नर्मदा जल की लाइन बिछाई जा रही है, ताकि वर्षा पर निर्भर खेती वाले इलाकों तक सिंचाई पहुंचे।

विकास के पांच आधार

इस पूरी तस्वीर को पांच आधारों में बांटा जा सकता है — उद्योग के लिए रतलाम और मंदसौर, कनेक्टिविटी के लिए खरगोन और खंडवा, सिंचाई के लिए धार, झाबुआ और बड़वानी, धार्मिक पर्यटन के लिए उज्जैन, महेश्वर और ओंकारेश्वर, तथा ऊर्जा के लिए ओंकारेश्वर का फ्लोटिंग सोलर प्लांट। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत ओंकारेश्वर में लगभग 800 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें नर्मदा पर दो झूला पुल, एक पैदल पुल और नए घाटों का निर्माण शामिल है। देवास-शाजापुर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि मालवा-निमाड़ ही नहीं, समूचे मध्य प्रदेश में सर्वांगीण विकास हो रहा है और विकास यात्राओं का मकसद यही है कि प्रत्येक व्यक्ति खुशहाल रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments