इंदौर के सराफा बाजार में शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय बाजार में सोना केडबरी 900 रुपये सस्ता होकर 1,43,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी चौरसा 7,800 रुपये टूटकर 1,87,200 रुपये प्रति किलो रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई मंदी का सीधा असर इंदौर के भावों पर दिखा है, और कारोबारी इस गिरावट को वैश्विक संकेतों से जोड़कर देख रहे हैं।

अमेरिकी आंकड़ों ने बढ़ाया दबाव
बाजार जानकारों के मुताबिक अमेरिका से आए मजबूत महंगाई आंकड़ों ने मौद्रिक सख्ती की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है। इसके साथ ही मध्य पूर्व में फिर से बढ़े तनाव ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है। इन दोनों वजहों से बुलियन बाजार लगातार दूसरे महीने गिरावट की राह पर है। अक्टूबर के दौरान सोने की कीमत में तीन प्रतिशत से ज्यादा की कमी आ चुकी है, क्योंकि क्षेत्र में जारी टकराव ने ऊर्जा कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है और महंगाई की चिंता को हवा दी है।
कॉमेक्स पर सोना 4000 डॉलर के नीचे
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को देर शाम तक कॉमेक्स पर सोना 4,000 डॉलर और चांदी 51 डॉलर के स्तर से नीचे पहुंच गई। सोना वायदा 56 डॉलर टूटकर 3,989 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जिसका ऊपरी स्तर 4,026 डॉलर और निचला स्तर 3,964 डॉलर प्रति औंस रहा। चांदी वायदा 198 सेंट घटकर 50.72 डॉलर प्रति औंस पर रहा, जिसका ऊपरी स्तर 52.19 डॉलर और निचला स्तर 50.42 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार की इसी कमजोरी ने भारतीय बाजारों में भी सोने-चांदी के भाव नीचे धकेल दिए।
इंदौर में केडबरी और चौरसा के भाव
शुक्रवार को इंदौर में सोना केडबरी 900 रुपये की गिरावट के साथ 1,43,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी चौरसा 7,800 रुपये की गिरावट के साथ 1,87,200 रुपये प्रति किलो पर आ गई। घटे हुए दामों पर बड़े निवेशकों की पूछताछ बढ़ी है। कारोबारियों का कहना है कि कीमतें नीचे आने के बाद निवेश के नजरिए से खरीदारी में रुचि दिख रही है, लेकिन गहनों की आम ग्राहकी अभी धीरे-धीरे ही बढ़ रही है।
पुष्यनक्षत्र पर बाजार को उम्मीद
सराफा कारोबारियों को रविवार को पड़ रहे पुष्यनक्षत्र से अच्छी उम्मीद है। उनका मानना है कि शुभ मुहूर्त पर गहनों की खरीदारी बढ़ सकती है, इसलिए बाजार में अच्छे कामकाज की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर इस दौरान ग्राहकी लौटती है तो गिरावट के बाद बाजार को कुछ सहारा मिल सकता है। फिलहाल व्यापारी अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग दोनों पर नजर बनाए हुए हैं।
आगे क्या देखें
ज्वेलर्स के मुताबिक अगले सप्ताह अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के बाद वाशिंगटन की ओर से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के संकेतों से तेल की कीमतें चढ़ गई हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इस सप्ताह ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन उसके चेयर केविन वार्श ने आगे और सख्ती की संभावना को खुला रखा है, क्योंकि नीति-निर्माता लगातार बनी महंगाई से जूझ रहे हैं। इन्हीं संकेतों पर आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा तय होगी।

