चक्रवाती तूफान अर्नब की ताकत भले ही कम हो गई हो, लेकिन मध्य प्रदेश में उसका असर अभी खत्म नहीं हुआ है। कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हुए मौसम तंत्र के कारण प्रदेश में लगातार चौथे दिन मौसम बिगड़ा रहेगा। शनिवार को ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और शहडोल समेत 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में धूप निकलने का अनुमान है। मौसम के इस बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

इन 27 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, धार, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर और आसपास के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा और धूप निकल सकती है।
अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा बारिश
पिछले दिनों प्रदेश के 38 जिलों के करीब 155 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा पानी गिरा, जबकि अमरकंटक में सवा दो इंच और सिंगरौली में दो इंच बारिश हुई। अनूपपुर में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। रतलाम में भी शुक्रवार शाम मौसम ने करवट ली और मावठे जैसे हालात बन गए। लगातार हो रही इस बेमौसम बारिश ने अक्टूबर के आखिरी दिनों में सर्दी और बारिश का मिला-जुला मिजाज बना दिया है।
खेतों में धान, मंडियों में मक्का भीगने से बढ़ी चिंता
बेमौसम बारिश किसानों के लिए परेशानी बन गई है। कई जिलों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। ऐसे में लगातार बारिश से फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। मंडियों में खुले में रखा अनाज भी भीग रहा है। बारिश का दौर लंबा खिंचने पर किसानों को आर्थिक नुकसान बढ़ने की आशंका है। खेतों में खड़ी धान की फसल से लेकर मंडियों में बिक्री के लिए पहुंचा अनाज तक बारिश की चपेट में आ रहा है, इसलिए किसान मौसम के साफ होने का इंतजार कर रहे हैं।
तापमान में गिरावट, 2 नवंबर तक बदलता रहेगा मौसम
आंधी और बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार और शुक्रवार को प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान दो से तीन डिग्री तक नीचे आया। दिन में भी ठंडक महसूस की गई और कुछ इलाकों में रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में अगले चार दिन तक मौसम का मिला-जुला मिजाज बना रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज धूप निकलेगी, जबकि दक्षिणी और पूर्वी मध्य प्रदेश में सिस्टम का असर ज्यादा दिखाई देगा। यहां आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मानसून 3 अक्टूबर को विदा हुआ, फिर भी बरस रहे बादल
मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था। इसके बावजूद नए मौसम सिस्टम के कारण अक्टूबर के आखिरी दिनों में बारिश हो रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है और इस बार भी यही स्थिति बनी हुई है। जून से सितंबर के बीच प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह पूरे प्रदेश में औसत से करीब चार फीसदी कम बारिश हुई। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से चार फीसदी ज्यादा पानी गिरा, जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश का आंकड़ा 12 फीसदी कम रहा। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। जून में कम बारिश होना इसकी प्रमुख वजह रही, जब इस महीने सामान्य से 14 फीसदी कम पानी गिरा था।

