रतलाम में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने डिप्टी रेंजर कमल देवड़ा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। देवड़ा जावरा उप-वनमंडल में पदस्थ हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने जलाऊ लकड़ी से भरा एक ट्रक छोड़ने और मामला दर्ज न करने के एवज में पहले 2 लाख रुपये की मांग की थी, जो बाद में सौदेबाजी के बाद 65 हजार रुपये पर तय हुई थी।

ट्रक छोड़ने के लिए मांगे थे 2 लाख रुपये
शिकायतकर्ता रहीश खान पिपलोदा तहसील के शाक्करखेड़ी गांव के रहने वाले हैं। उनका ट्रक रतलाम जिले के कालूखेड़ा से जलाऊ लकड़ी लेकर जा रहा था, जिसका इस्तेमाल एक ईंट भट्ठे में होना था। रास्ते में ट्रक को रोक लिया गया। आरोप है कि ट्रक छोड़ने और केस दर्ज न करने के बदले डिप्टी रेंजर ने 2 लाख रुपये की मांग की। मोलभाव के बाद रकम 65 हजार रुपये पर तय हुई। इसके बाद रहीश खान ने 29 अक्टूबर को लोकायुक्त से शिकायत कर दी।
शुक्रवार शाम जाल बिछाकर पकड़ा गया
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार शाम को जाल बिछाया। ट्रैप की कार्रवाई शाम करीब 6:30 बजे शुरू हुई। डिप्टी रेंजर को उनके कार्यालय में 20 हजार रुपये लेते हुए करीब 6:45 बजे पकड़ा गया। बताया गया है कि रकम लेने के बाद उन्होंने पैसे अपनी जेब में रख लिए थे, तभी लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। मौके पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
10 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई को लोकायुक्त की 10 सदस्यीय टीम ने अंजाम दिया। टीम में डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हिना डाबर, प्रधान आरक्षक हितेश लालावत और आरक्षक शिव कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, मोहम्मद इसरार तथा उमेश जाटव शामिल थे। टीम की इस सटीक कार्रवाई से वन विभाग में रिश्वतखोरी के इस मामले का पर्दाफाश हुआ है। लोकायुक्त की ओर से आगे की जांच जारी है और आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण से जुड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

