भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में नहीं खेलेंगे। 4 नवंबर से शुरू हो रही पांच मैचों की वनडे सीरीज में बुमराह को आराम दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक बुमराह पूरी तरह फिट हैं, लेकिन टीम मैनेजमेंट उन्हें 19 नवंबर से शुरू होने वाली रेड-बॉल यानी टेस्ट सीरीज के लिए बचाकर रखना चाहता है।


वर्कलोड मैनेजमेंट बना वजह
बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि बुमराह को रेड-बॉल क्रिकेट में खिलाना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मैनेजमेंट का मानना है कि बुमराह को पहले वनडे और फिर तुरंत टेस्ट सीरीज में खिलाने से कोई फायदा नहीं होगा। चोट से पूरी तरह उबरकर लौट रहे बुमराह को सीधे टेस्ट सीरीज में उतारा जाएगा, ताकि उनका वर्कलोड संतुलित रहे।
बुमराह ने पिछले साल नवंबर के बाद से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। इसी साल घुटने की चोट के कारण वह श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भी नहीं खेल पाए थे। उस समय उनकी जगह आकिब नबी को पहली बार टीम इंडिया में चुना गया था। मैनेजमेंट सिर्फ न्यूजीलैंड सीरीज ही नहीं, बल्कि अगले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को भी ध्यान में रखकर बुमराह का वर्कलोड संभाल रहा है।
इंडिया ए के लिए खेल सकते हैं अनऑफिशियल टेस्ट
टेस्ट सीरीज से पहले बुमराह मैच प्रैक्टिस के लिए इंडिया ए की ओर से खेल सकते हैं। 24 अक्टूबर से इंडिया ए और न्यूजीलैंड ए के बीच तीन अनऑफिशियल टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होगी। खबर है कि 7 से 10 नवंबर तक खेले जाने वाले तीसरे अनऑफिशियल टेस्ट में बुमराह मैदान पर उतर सकते हैं। इससे उन्हें 19 नवंबर को शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले रेड-बॉल लय हासिल करने का मौका मिलेगा।
अहमदाबाद में शुरू की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार बुमराह ने अहमदाबाद में रेड-बॉल क्रिकेट में वापसी के लिए तैयारी शुरू कर दी है। वह इस महीने के अंत तक बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकते हैं। भारतीय वनडे और टेस्ट टीम 28 अक्टूबर को न्यूजीलैंड दौरे के लिए रवाना होगी। उससे पहले 22 अक्टूबर से दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेली जानी है।
बुमराह की गैरमौजूदगी में वनडे सीरीज में भारतीय तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी दूसरे गेंदबाजों पर होगी। वहीं टेस्ट सीरीज में उनकी वापसी भारतीय खेमे के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनकी गति और सटीकता टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।


