मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का प्रस्तावित दौरा रद्द हो गया है। अब उनकी जगह केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। 4 नवंबर को होने वाले इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। कार्यक्रम से ठीक पहले हुए इस बदलाव ने भोपाल की सियासी हलचल को और बढ़ा दिया है।
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राजनाथ का दौरा क्यों रद्द, वजह साफ नहीं
पहले यह तय था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल की पदयात्रा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी उनके भोपाल दौरे की जानकारी साझा की थी। लेकिन कार्यक्रम से पहले यह फैसला हुआ कि उनकी जगह जेपी नड्डा को शामिल किया जाए। खबर लिखे जाने तक राजनाथ सिंह का दौरा रद्द होने की वजह साफ नहीं हो पाई थी। पार्टी की ओर से इस बदलाव के पीछे की ठोस वजह सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन तैयारियां अब नए सिरे से नड्डा की मौजूदगी के हिसाब से की जा रही हैं।
अटल पथ से सुबह 10 बजे शुरू होगी पदयात्रा
पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, पदयात्रा 4 नवंबर को सुबह 10 बजे भोपाल के अटल पथ, टीटी नगर से शुरू होगी। प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया के अनुसार, यात्रा अटल पथ के पास प्लैटिनम प्लाजा से शुरू होकर रोशनपुरा की ओर बढ़ेगी। इस आयोजन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को जुटाने की तैयारी की गई है। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग की विभिन्न विधानसभाओं से कार्यकर्ताओं को लाने की जिम्मेदारी पार्टी पदाधिकारियों को सौंपी गई है। हर विधानसभा से 10,000 प्रतिभागियों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के पदाधिकारियों ने तैयारियों की समीक्षा भी की है।
ट्रैफिक व्यवस्था और सियासी संदेश
पदयात्रा को देखते हुए भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था की है। पुलिस का अनुमान है कि कार्यक्रम में 40,000 से 50,000 लोग शामिल हो सकते हैं। इसके लिए शहर में करीब 1,200 बसों और 2,000 चार पहिया वाहनों के पहुंचने की संभावना जताई गई है। इससे पहले इसी अभियान के तहत भाजपा इंदौर और जबलपुर में भी पदयात्राएं कर चुकी है। जबलपुर की पदयात्रा में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा था। पार्टी का कहना है कि इस अभियान के जरिए वह चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस के आरोपों का राजनीतिक जवाब देना चाहती है। भोपाल की यह पदयात्रा उसी अभियान की अगली कड़ी मानी जा रही है।

