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Tuesday, October 27, 2026
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MP राज्यसभा उपचुनाव: पहले दिन कोई नामांकन नहीं, 2 नवंबर तक मौका, 12 को वोटिंग

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया सोमवार, 26 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू हो गई। हालांकि पहले दिन किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया। उम्मीदवारों के पास पर्चा भरने के लिए 2 नवंबर तक का समय है, और जरूरत पड़ने पर 12 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। यह सीट केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई है।

मध्य प्रदेश विधानसभा भवन, भोपाल

नामांकन का पूरा कार्यक्रम क्या है

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। नामांकन पत्र मध्य प्रदेश विधानसभा भवन स्थित रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जमा किए जा सकेंगे। सार्वजनिक अवकाश के दिन नामांकन नहीं लिए जाएंगे। नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को दोपहर 2 बजे होगी, और उम्मीदवार 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।

मतदान और मतगणना की तारीख

यदि चुनाव की आवश्यकता पड़ी तो 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा, जिसके बाद मतगणना कराई जाएगी। उपचुनाव के लिए विधानसभा के अपर सचिव उमेश शर्मा को रिटर्निंग ऑफिसर और अपर सचिव मयंक वर्मा को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। विधानसभा भवन के समिति कक्ष क्रमांक-2 (एम-02) में निर्वाचन कार्यालय बनाया गया है, जहां पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी।

क्यों खाली हुई यह सीट, कितना लंबा होगा कार्यकाल

डॉ. एल. मुरुगन अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उन्होंने 14 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल 3 अप्रैल 2030 तक था, इसलिए उपचुनाव में निर्वाचित होने वाले नए सदस्य का कार्यकाल भी इसी तारीख तक रहेगा। यानी नए सांसद को करीब साढ़े तीन साल का कार्यकाल मिलेगा।

सियासी हलचल: बीजेपी में पांच नामों का पैनल

इसी बीच सियासी हलचल भी तेज है। बीजेपी की कोर ग्रुप बैठक में राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर चर्चा हुई है और 4-5 नामों का पैनल दिल्ली भेजे जाने की बात सामने आई है। इसके साथ ही भोपाल, इंदौर और जबलपुर में बड़ी रैलियों की तैयारी भी चल रही है। पहले दिन नामांकन शून्य रहना सामान्य माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर दल अपने उम्मीदवारों की औपचारिक घोषणा के बाद ही पर्चे दाखिल करते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कौन-से दल किस चेहरे पर दांव लगाते हैं और क्या यह उपचुनाव निर्विरोध होता है या मतदान तक जाता है।

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