दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली हुई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में आयोजित इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत गठबंधन के कई बड़े नेता शामिल हुए। दोपहर 12 बजे राहुल गांधी कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल से मिंटो रोड होते हुए पैदल मार्च करते हुए रामलीला मैदान पहुंचे, जहां हजारों कार्यकर्ता पहले से मौजूद थे। रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका रहा।

13.5 करोड़ नाम हटने का आरोप
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से देश भर में 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जो कुल मतदाताओं का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में बीजेपी और उसके गठबंधन के बीच केवल 3 प्रतिशत वोटों का अंतर था, इसलिए यह सिर्फ वोट की चोरी नहीं, बल्कि जनता की जन अभिव्यक्ति की चोरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संस्थाओं पर आरएसएस और बीजेपी का कब्जा हो चुका है और संविधान को बचाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
चुनाव आयुक्त पर सीधा निशाना
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें पद से हटना होगा और जेल जाना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ज्ञानेश कुमार के हटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राहुल ने कहा कि इनमें से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और भागने का मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई किसी से व्यक्तिगत नफरत की नहीं है, वे ‘मोहब्बत की दुकान’ चलाने वाले लोग हैं, लेकिन किसी भी कीमत पर संविधान को नष्ट नहीं होने दिया जाएगा और लाइन में खड़े आखिरी व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।
आर्थिक असमानता का मुद्दा भी उठाया
आर्थिक असमानता पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश में आम आदमी का कर्ज माफ नहीं होता, जबकि उद्योगपति अंबानी और अडानी के करोड़ों रुपये के कर्ज आसानी से माफ कर दिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सरकारी संपत्तियों पर भी चुनिंदा लोगों का कब्जा हो रहा है। रैली में भारी भीड़ के कारण दिल्ली-गुरुग्राम सरहौल बॉर्डर समेत कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए थे और मैदान के अंदर की क्षमता करीब 45 से 50 हजार बताई गई थी।
मध्य प्रदेश से भी पहुंचे कार्यकर्ता
इस रैली में मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में प्रदेश से करीब 50 हजार कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने का दावा किया गया था। रैली से एक दिन पहले, 31 अक्टूबर को इंदौर से कांग्रेस कार्यकर्ता 150 कारों के काफिले के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। राहुल गांधी ने अपने भाषण में जिन राज्यों में कथित वोट चोरी का जिक्र किया, उनमें मध्य प्रदेश का नाम भी शामिल था। इससे यह रैली मध्य प्रदेश की सियासत के लिए भी अहम हो गई है, क्योंकि प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मतदाता सूची के मुद्दे पर टकराव पहले से जारी है।

